रेत माफियाओं ने वनकर्मियों को पीटा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर घटी घटना
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सीमा पर दुर्गाधारा और धर्मपानी के करीब मलनिया स्टॉप डैम से गैरकानूनी रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा था।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,03 जुलाई। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में रेत माफियाओं के आंतक से जुडी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार देर रात को रेत माफियाओं ने वनकर्मियों को पीट दिया। बताया जा रहा है कि अवैध खनन की जानकारी मिलने पर वनकर्मी उसे रोकने के लिए पहुंचे थे।

मिली जानकारी के मुताबिक अपनी कार्रवाई में वन विभाग ने 3 ट्रैक्टर जब्त भी कर लिए थे, लेकिन चंद मिनटों में ट्रैक्टर मालिकों के साथ करीब दो दर्जन लोगों की भीड़ ने पहुंचकर फारेस्ट गार्डों पर हमला करके उनसे ट्रैक्टर छुड़ा लिया और मध्यप्रदेश की तरफ भाग निकले। इस मामले में बुधवार सुबह होते ही पीड़ित रेंजर नरेश चंद्रदेव नाग ने गौरेला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सीमा पर दुर्गाधारा और धर्मपानी के करीब मलनिया स्टॉप डैम से गैरकानूनी रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा था। जिसकी जानकारी मिलने पर गौरेला रेंज अधिकारी नरेश चंद्रदेव नाग अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचकर मध्यप्रदेश की तरफ जा रहे 3 ट्रैक्टर रुकवाये। कार्रवाई से भयभीत ड्राइवर ट्रैक्टर छोड़कर भाग गए,जिसके बाद उन्हें जब्त कर लिया गया था। जिसके बाद आधा दर्ज लोगों ने फॉरेस्ट गार्ड के साथ बदसलूकी करके ट्रेक्टर वापस लेने की कोशिश की और मारपीट के बाद ट्रेक्टर लेकर फरार हो गए। बहरहाल इस मामले में गोलू यादव, दिपकु गोंड, मस्कू राठौर और राहुल पनिका समेत कई अन्य बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।












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