किसानों को लुभाने के लिए नया दांव,भूपेश सरकार खरीदेगी प्रति एकड़ 20 क्विंटल की दर से धान
छत्तीसगढ़ के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही सरकार किसानों को ध्यान में रखकर कई नई योजनाएं लेकर आ रही है,लेकिन उसकी घोषणा सही मौके पर की जाएगी।
छत्तीसगढ़ को "धान का कटोरा" कहा जाता है। बड़े पैमाने पर धान की खेती और अधिक पैदावार की वजह से यहां सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों को किसानों को लुभाना सबसे अधिक जरुरी है। पिछले चुनाव में कर्ज माफ़ी और 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर धान की खरीद-न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी का सफल दांव खेलने के बाद कांग्रेस ने नई रणनीति तैयार कर ली है। आगामी चुनाव से पहले भूपेश बघेल सरकार 20 रुपये प्रति एकड़ 20 क्विंटल की दर धान खरीदने की घोषणा कर सकती है, अगर ऐसा होता है, तो इसका बड़ा लाभ चुनाव में उसे मिल सकता है।

सूत्र माना जा रहा है कि धान खरीदी की सीमा को 20 क्विंटल प्रति एकड़ करने की घोषणा को लेकर सरकार और संगठन में गंभीर चिंतन चल रहा है।अगले खरीफ सीजन के वक़्त इसकी घोषणा हो जाएगी। फ़िलहाल 23 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ औसत पैदावार करने वाले किसान खरीदी पर कैपिंग के कारण से प्रति एकड़ मात्र 15 क्विंटल धान ही समर्थन मूल्य पर बेच पाते थे।इसकी इसकी सीमा बढ़ाकर 20 क्विंटल होने से धान उत्पादक किसानों का लाभ कई गुना बढ़ जाएगा। किसान कई सालों से धान खरीदी पर लगी यह कैपिंग हटाने की मांग करते आ रहे हैं। धान खरीदी के सीजन में ही 2023 के विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में उसका लाभ निश्चित रूप से कांग्रेस को मिलने वाला है।
छत्तीसगढ़ के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जल्द ही सरकार किसानों को ध्यान में रखकर कई नई योजनाएं लेकर आ रही है,लेकिन उसकी घोषणा सही मौके पर की जाएगी। उनका कहना है कि भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के प्रति एकड़ 9000 रुपयों की इनपुट सब्सिडी को मिलाकर धान पर देश में सर्वाधिक कीमत दी है।आगामी साल में केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में 100 रुपए की बढ़ोत्तरी की जाती है, तो छत्तीसगढ़ के किसान के हाथ में एक क्विंटल का 2740 रुपये मिल जायेंगे ।












Click it and Unblock the Notifications