प्रेमी जोड़े ने बाबा साहेब अंबेडकर को साक्षी मानकर रचाई शादी, जानिए इसकी वजह

जगदलपुर। अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेने या मंदिर में शादी रचा लेने के मामले तो खूब देखे होंगे, मगर यह शादी अनूठी है। इसमें एक प्रेमी जोड़ा ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के सामने विवाह बंधन में बंध गया।

love couple marry front of baba saheb ambedkar photo in Jagdalpur

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिला पंचायत सदस्य रुकमणि कर्मा ने बताया कि नवागांव पलवा निवासी हलधर बघेल आदिवासी समाज से है। आदिवासियों की धुरवा जाति के हलधर को दरभा के केशापुर की युवती चिंतामणि मौर्य से प्यार हो गया था। दोनों ने अपने परिवार के सामने प्रेम विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों के ही परिवार ने मानने से इनकार कर दिया। इसकी वजह दोनों की अलग-अलग जाति का होना था।

यह बात जब आदिवासी समाज के लोगों को पता चली तो उन्होंने पहले तो दोनों की प्रेम कहानी का पता लगाया। फिर परिवारों को समझाया। वे नहीं माने तो शुक्रवार को तोकापाल में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उनकी तस्वीर के सामने हाथ में संविधान की किताब लेकर विवाह कर लिया। पूरे जगदलपुर में यह अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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