CG: 'लड़ने के लिए जिंदा रहना जरूरी है', मुकेश चंद्राकर के भाई ने मांगी सुरक्षा, इधर CM साय ने की ये घोषणा
Mukesh Chandrakar Bijapur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर के नाम पर जल्द ही एक पत्रकार भवन का निर्माण किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को लिया गया।
इधर, मुकेश चंद्राकर के भाई, युकेश चंद्राकर ने इस बीच पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "मुझे प्रोटेक्शन की जरूरत महसूस हो रही है। मुझे जीने का शौक नहीं है, लेकिन अब लड़ना है मुझे। लड़ने के लिए जिंदा रहना जरूरी है। मेरे और मेरे परिवार के लिए सुरक्षा मांग रहा हूं। कृपया सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।" युकेश चंद्राकर भी एक टीवी पत्रकार हैं।

कब घटा मुकेश चंद्राकर हत्याकांड?
बीजापुर जिले के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या 3 जनवरी को की गई थी। उनकी लाश एक ठेकेदार के सेप्टिक टैंक में छिपाई गई थी। हत्या का आरोप बस्तर के ठेकेदार पर है, जिसे एसआईटी की टीम ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। मुकेश चंद्राकर की हत्या के पीछे का कारण सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार था, जिस पर मुकेश ने एक न्यूज रिपोर्ट बनाई थी।
रिपोर्ट प्रसारित होने के बाद ठेकेदार सुरेश चंद्राकर नाराज था। 1 जनवरी को मुकेश अपने घर से लापता हो गए थे और 3 जनवरी को उनका शव ठेकेदार के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच चल रही है।
कौन थे मुकेश चंद्राकर?
मुकेश चंद्राकर बीजापुर के साहसी और युवा पत्रकार थे। वह राष्ट्रीय समाचार चैनलों के संवाददाता थे और बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करते थे। उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग बेहतरीन मानी जाती थी। इसके अलावा, उन्होंने 'बस्तर जंक्शन' नाम से यूट्यूब पर एक चैनल भी चलाते थे। कई न्यूज चैनलों के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता करते थे।












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