छत्तीसगढ़ में पहली बार लगेगा 1320 मेगावाट का बिजली संयंत्र, CM भूपेश ने दिये निर्देश
छत्तीसगढ़ में 1320 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र की स्थापना के निर्देश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए हैं। यह छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक संयंत्र होगा। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ स्टेट जनरेश
रायपुर, 25 अगस्त । छत्तीसगढ़ में 1320 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र की स्थापना के निर्देश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए हैं। यह छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक संयंत्र होगा। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ स्टेट जनरेशन कंपनी के स्वयं की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 4300 मेगावाट हो जाएगी। राज्य स्थापना के बाद पहली बार इतनी क्षमता का विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने अपने निवास में पॉवर कंपनियों की समीक्षा बैठक ली गई जिसके अंतर्गत भविष्य में विद्युत की मांग की आपूर्ति के लिए आवश्यक विद्युत उपलब्धता की समीक्षा की गई। वर्ष 2030-31 तक अपेक्षित विद्युत मांग में वृद्धि की आपूर्ति हेतु नवीन विद्युत संयंत्र की आवश्यकता होगी ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की विद्युत उत्पादन कंपनी को कोरबा पश्चिम में उपलब्ध भूमि पर 2x660 मेगावॉट सुपर क्रिटीकल नवीन विद्युत उत्पादन संयंत्र की स्थापना समुचित कार्रवाई के निर्देश दिये ।
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विद्युत उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एनके बिजौरा ने बताया गया कि यह सुपर क्रिटिकल संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से स्थापित की जाएगी। इससे एक ओर बिजली की उपलब्ध सुनिश्चित होगी, वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे। उन्होंने बताया कि कोरबा पश्चिम में संयंत्र स्थापना हेतु स्वयं की भूमि उपलब्ध है । साथ ही अपेक्षित परियोजना स्थल पर कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान चलित उत्पादन संयंत्रों के लिए कंवेयर बेल्ट की सुविधा भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel का बड़ा फैसला
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) August 25, 2022
छत्तीसगढ़ में 1320 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र की होगी स्थापना
राज्य बनने के बाद पहली बार स्थापित होगा सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक संयंत्र
मुख्यमंत्री ने अपने निवास में पॉवर कंपनियों की समीक्षा बैठक में लिए अहम निर्णय।#Chhattisgarh pic.twitter.com/xOjlyCgzi5
सीएम भूपेश के निर्देश उपरांत संयंत्र स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां, कोयला आबंटन, जल आबंटन सहित विस्तृत डी.पी.आर इत्यादि तैयार करने का कार्य विद्युत उत्पादन कंपनी द्वारा त्वरित गति से किया जावेगा जिससे वर्ष 2030-31 तक अपेक्षित विद्यत आपूर्ति संभव हो सके ।कन्वेयर बेल्ट से कोयला उपलब्धता, खुद की भूमि उपलब्धता औऱ सूपर क्रिटिकल प्लांट होने के कारण नवीन प्रस्तावित प्लांट से उत्पादित विद्युत की दर सस्ती होना अपेक्षित है। नवीन उत्पादन संयंत्र की स्थापना से स्थानीय रोजगार का विकास भी संभव होगा ।












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