इन नक्सल प्रभावित इलाकों से 400 युवा होंगे CRPF में भर्ती, बस्तर में तैनाती करेगा प्रशासन
बस्तर, जून 03। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित जिला बस्तर अब तरक्की की राह पर है। राज्य सरकार की ओर से इस जिले में पहले से ही कई विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके पूरा हो जाने के बाद इस जिले की तकदीर ही बदल जाएगी। इस बीच नक्सल प्रभावित इलाकों से CRPF युवाओं की भर्ती करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले से 400 युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा। इन जवानों की तैनाती बस्तर में ही होगी। CRPF में ऐसा पहली बार होगा।

400 जवानों की भर्ती करेगी CRPF
आपको बता दें कि सीआरपीएफ ने दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले में वहीं के 400 जवानों की भर्ती करने का फैसला किया है। इसके लिए नियम बदले गए हैं और केंद्र सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। इस भर्ती प्रक्रिया में सीआरपीएफ केवल इन जिलों के मूल जनजातीय युवाओं को ही मौका देगी। यह प्रस्ताव पिछले साल भेजा गया था, जिसपर मंजूरी हाल में आई है।
शैक्षणिक योग्यता में की गई कमी
खास बात ये है कि बस्तर में होने वाली इस भर्ती के लिए सीआरपीएफ ने जवानों की शैक्षणिक योग्यता में भी कमी की गई है। इस भर्ती के उम्मीदवारों के लिए 8वीं पास होना जरूरी है। वैसे सीआरपीएफ में जवानों की भर्ती के लिए कम से कम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होती है। बता दें कि पिछले साल सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने इस तरह का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को केंद्र के पास भेजा था, जिसके बाद इसे स्वीकार कर लिया गया।
कश्मीर की तरह बस्तर में होगा फायदा
अधिकारियों ने इस भर्ती को लेकर बताया है कि हम नक्सलियों के खिलाफ यहीं के नौजवानों को सीआरपीएफ में भर्ती करने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कश्मीर में स्थानीय युवाओं को सेना में शामिल करने का फायदा देखने को मिल रहा है। इसी फॉर्मूले को हम यहां भी अपनाना चाहते हैं। इससे युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही फोर्स को भी नक्सलियों से मुठभेड़ करने में आसानी होगी। इस भर्ती प्रक्रिया में सीआरपीएफ केवल इन जिलों के मूल जनजातीय युवाओं को ही मौका देगी।
यह इलाके हैं सबसे अधिक नक्सल प्रभावित
आपको बता दें कि सबसे ज्यादा सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा नक्सल प्रभावित इलाके हैं। इलाके में नक्सली सक्रिय हैं। यह नक्सलियों का कोर इलाका है। इसलिए सीआरपीएफ इन्हीं तीन जिलों में फोकस करके वहीं से भर्ती कर रही है। बड़े नक्सल नेता फिलहाल इन्हीं इलाकों में सक्रिय हैं। यहां घने जंगलों में सीआरपीएफ कैंप सबसे ज्यादा हैं और अधिकांश कोर इलाके में हैं।












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