Chhattisgarh: हड़ताली कर्मचारियों से CM भूपेश बघेल की अपील,जनता को असुविधा हो रही है काम पर लौटें
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । चरमराती व्यवस्था से चिंतित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की है।
रायपुर, 31 अगस्त। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । चरमराती व्यवस्था से चिंतित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की है। सीएम भूपेश ने कहा है कि लोगों की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से उन्हें परेशानी हो रही है। ऐसे में आप अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करें।

सीएम भूपेश बघेल ने अपने ऑफीशियल ट्वीटर हेंडल से एक संदेश पोस्ट करते हुए लिखा है कि हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों से मेरी अपील है कि लोगों की आवश्यकता से जुड़े काम रुक जाने से जनता को असुविधा हो रही है। अत: आप सभी कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। सीएम भूपेश बघेल ने लिखा कि हमारी सरकार कर्मचारी हित के लिए सदैव तत्पर है। पुरानी पेंशन योजना उसका एक उदाहरण है। राज्य के वित्तीय संसाधनों को देखते हुए हम कर्मचारी हित में निर्णय लेते रहे हैं, आगे भी लेते रहेंगे।
इससे पूर्व सोमवार को मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य के कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के नेताओं को दफ्तर बुलाया था। वहां संसदीय सचिव विकास उपाध्याय की मौजूदगी में मुख्य सचिव और हड़ताली नेताओं के बीच चर्चा हुई है। मुख्य सचिव ने आम जनता की दिक्कतों का हवाला देकर काम पर वापस लौटने की बात कही। हड़ताली कर्मचारी अपनी मांग पर अडिग रहे। इसके कारण से उस दिन बातचीत का कोई हल नहीं निकला था।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। कर्मचारी संगठन कई माह से केंद्र सरकार की भांति 34% महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग है कि उनका भत्ता 12% बढ़ाया जाना चाहिए और सातवें वेतनमान की सिफारिशों के अनुसार मूल वेतन का 18% गृह भाड़ा भत्ता भी बढ़ाना चाहिए। जुलाई में 5 दिनों की हड़ताल के पश्चात सरकार ने महंगाई भत्ते में 6% बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन नाखुश कर्मचारी 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
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