OPINION: छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को मिल रहा बढ़ावा, CM साय ने बनाई मंत्रालय में प्रवेश की प्रक्रिया सहज
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने के साथ-साथ पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में सहायक साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस पोर्टल के माध्यम से मंत्रालय में आने वाले आगंतुकों के लिए प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया गया है।
स्वागतम पोर्टल ने आम जनता के मंत्रालय में प्रवेश की प्रक्रिया को सहज बना दिया है। नितिन वाले, जो निजी कार्य के लिए मंत्रालय आए थे, ने इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया और उन्हें तुरंत पुष्टिकरण संदेश और प्रवेश पत्र प्राप्त हुआ। इसके बाद, मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर उनकी पहचान सत्यापित होने के बाद उन्हें बिना किसी समस्या के मंत्रालय में प्रवेश मिल गया। नितिन वाले ने इस सुविधा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वागतम पोर्टल न केवल समय की बचत करता है, बल्कि यह प्रशासन के कार्यों को भी सरल बनाता है और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करता है। आगंतुकों के विवरण पहले से ही पोर्टल पर दर्ज होने के कारण प्रशासन को किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलती है। साथ ही, यह शासन की पारदर्शिता और तकनीकी सुगमता का प्रतीक बनकर जनता और सरकार के बीच संवाद को आसान बनाता है।
ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख पोर्टल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख पोर्टलों - ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल, और स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। इन पहलों से सरकारी कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकारी दस्तावेजों को डिजिटलीकरण
ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुशासन में सुधार होगा। यह प्रणाली पहले सामान्य प्रशासन विभाग में लागू की गई है और इसे धीरे-धीरे अन्य विभागों में भी लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार, राज्य सरकार अब आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 266 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग विभिन्न विभागों में आईटी उपकरणों और सॉफ़्टवेयर के लिए किया जाएगा।
168 नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस के तहत बजट एंड अकाउंटिंग माड्यूल स्थापित
इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस के तहत *बजट एंड अकाउंटिंग माड्यूल* स्थापित किया जाएगा, जिससे वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स संग्रहण में पारदर्शिता लाने के लिए 47 नगरीय निकायों में जीआईएस आधारित सॉफ़्टवेयर का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस प्रकार, छत्तीसगढ़ सरकार की ई-गवर्नेंस योजनाएं राज्य को एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो रही हैं। इन पहलों से सरकारी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी, और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से और सरलता से मिलेगा।












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