Chhattisgarh: जशपुर के हाथी प्रभावित जंगल में सो रहा था विदेशी नागरिक, पुलिस ने फिर किया यह काम
छत्तीसगढ़ के जंगल में एक गोरे विदेशी को देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई, की आखिर ये विदेशी नागरिक कौन है? और जशपुर के जंगलों में अकेले क्या कर रहा है? जशपुर के फरसाबहार क्षेत्र के बारो गाँव मे एक रशियन आदमी को देखने इतनी भीड़
जशपुर, 06 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के जंगल में एक गोरे विदेशी को देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई, की आखिर ये विदेशी नागरिक कौन है? और जशपुर के जंगलों में अकेले क्या कर रहा है? जशपुर के फरसाबहार क्षेत्र के बारो गाँव मे एक रसियन नागरिक को देखने इतनी भीड़ लग गयी, कि मौके पर पुलिस बुलाना पड़ गया।

ग्रीन कैम्प में बैठा था विदेशी नागरिक
दरअसल सोमवार की शाम को फरसाबहार क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों की नजर जंगल मे एक हरे कैंप पर पड़ा तो लोगों ने कौतूहल वस ग्रामीण कैम्प के पास पहुंच गए। ग्रामीणों ने देखा की विदेश का कोई आदमी जंगल मे कैम्प लगाकर मजे से आराम कर रहा है। जंगल में अकेले विदेशी नागरिक को कैंप के भीतर देख लोग हैरान रह गए और धीरे धीरे भीड़ इतनी बढ़ गयी कि इसकी सूचना पुलिस को दी गई ।

विदेशी निकला रसियन नागरिक
इस पूरे मामले के बाद जानकारी मिली कि विदेशी नागरिक Russia का रहने वाला है, और 9 अगस्त को मुंबई से साइकिल से भारत भ्रमण के लिए निकला है। वे झारखंड व पश्चिम बंगाल होते हुए नेपाल जाएंगे और इस भ्रमण के दौरान वे जशपुर पहुंचे है। विदेशी नागरिक का नाम युगिनी है। वह थका हुआ था तो उसे गाँव और जंगल का वातावरण अच्छा लगा, इसलिए वह जंगल मे ही कैम्प लगाकर आराम करने लगा ।

रासियन ने कहा-"I Am Not a Monkey
रासियन को बीच जंगल मे देखकर लोग उसकी तस्वीरे अपने अपने मोबाईल कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया। लोगों को मना करने के लिए रसियन ने अंग्रेजी में बोला तो लोग समझ नही पाए। तो रासियन को गुस्सा होकर चिल्लाते हुए कहा- "Please Dont Sround Me I Am Not a Monkey " यानी मेरे चारो तरफ क्यों इकठ्ठा हो रहे हैं मैं कोई बन्दर नहीं हूं।

हाथी प्रभावित क्षेत्र में लगाया था कैम्प
विदेशी नागरिक को परेशान देख लोगो ने इसकी सूचना पर फरसाबहार थाने को दी। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। भाषा की समस्या के चलते कोई उसे यह नही समझा पा रहा था कि जहां वह आराम कर रहा है। वह क्षेत्र हाथी प्रभावित है, लेकिन जब वहां पुलिस पहुंची तो थाने के सिपाही आमित ने अंग्रेजी भाषा मे उसे समझाया कि यहां रहना ठीक नही है, क्योंकि जिस जगह में वे आराम कर रहें है, वहां हाथियों की आमद होती है।

पुलिस ने सुरक्षित जगह ठहराया
फरसाबहार थाने के एएसआई कुर्रे ने बताया कि विदेशी नागरिक गलती से जंगल में कैम्प लगाकर आराम कर रहे थे। उन्हें इस एरिया के बारे में जानकारी नही है। लोगों की भाषा की समझ नही आने के कारण वे परेशान थे। पुलिस जवान की बात समझने के बाद वह जंगल से बाहर आया है। पुलिस ने उन्हें कैंप के लिए पम्पशाला कंवर धाम में ठहराया गया है।












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