छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का एक्शन, 48 घंटे के भीतर हल हो गई 25 साल पुरानी समस्या !
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल सभी 90 विधानसभाओं के दौरे पर निकले हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यही भेंट-मुलाकात कार्यक्रम भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम डोंगरकट्टा वासियों के लिए वरदान साबित हुआ है।
कांकेर 08 जून। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल सरकारी योजनाओ की जमीनी हकीकत तलाशने और प्रदेश की जनता से मुलाकात करने के लिए सभी 90 विधानसभाओं के दौरे पर निकले हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यही भेंट-मुलाकात कार्यक्रम भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम डोंगरकट्टा वासियों के लिए वरदान साबित हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक ग्रामीणों की शिकायत पहुंचने के 48 घंटों के भीतर ग्रामीणों को 25 वर्ष पहले ईओडब्लू की तरफ जब्त किया गया राजस्व रिकॉर्ड वापस मिल गया है। इस रिकॉर्ड के अभाव में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, साथ ही कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

सीएम भूपेश के एक्शन से मिलेगा डोंगरकट्टा के ग्रामीणों और 110 खातेदारों लाभ
भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम डोंगरकट्टा के ग्रामीणों ने ग्राम भानबेड़ा में आयोजित भेंट-मुलाकात चौपाल के दौरान राजस्व रिकॉर्ड की तरफ से 25 वर्ष पहले ईओडब्लू की तरफ जब्त किये जाने की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की थी, जिस पर सीएम बघेल ने तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। अब ग्राम डोंगरकट्टा की जमीन का सम्पूर्ण दस्तावेज तहसील कार्यालय भानुप्रतापपुर को उपलब्ध करवा दी गई है, इससे ग्रामीणों के साथ-साथ 110 खातेदारों को भी फायदा मिलेगा।
नहीं मिल पा रहा था सरकारी योजनाओं का लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम भानबेड़ा में 03 जून को भेंट-मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां पर सीएम भूपेश बघेल की तरफ से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया जा रहा था।

ग्राम डोंगरकट्टा के ग्रामीणों ने सीएम बघेल से गुहार लगाते हुए बताया कि ग्राम डोंगरकट्टा की संपूर्ण जमीन के रिकार्ड को ईओडब्लू . द्वारा सालों पहले जप्त कर लिया गया था, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है। इससे ग्राम के किसानों का खाता बंटवारा, सीमांकन, खरीदी-बिक्री इत्यादि काम नहीं हो पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों की पीड़ा को सुनने के बाद सीएम बघेल ने कलेक्टर चन्दन कुमार को इस संबंध में कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया था।
25 साल पुरानी समस्या हल
कलेक्टर चन्दन कुमार ने अपने अधीनस्थ अधिकारीयों को प्रकरण का पता लगाने और उस पर विधिवत कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। जिससे पता लगा कि अवैध वृक्ष कटाई के प्रकरण में ईओडब्लू द्वारा ग्राम डोंगरकट्टा की जमीन का रिकार्ड-संदर्भ सीट नक्शा, चालू नक्शा शीट, नामांतरण पंजी साल 1989-90, मिशल बंदोबस्त वर्ष 1987-88, खसरा पांच साला वर्ष 1987-88, बी-1 वर्ष 1988-89 एवं वर्ष 1994-95 के रिकार्ड को 1997 में जप्त कर जिला न्यायालय कांकेर में पेश किया गया था, जो वापस नहीं किया गया। ग्राम डोंगरकट्टा की जमीन का रिकार्ड वापस करने के लिए तहसीलदार भानुप्रतापपुर की ओर से जिला न्यायालय कांकेर में आवेदन प्रस्तुत करने पर जप्त किये गये जमीन संबंधी संपूर्ण दस्तावेज को लौटा दिया गया, जिसे तहसील कार्यालय भानुप्रतापपुर में सुरक्षित रखा गया है। अपने गांव की जमीन का रिकार्ड वापस मिलने पर ग्राम डोंगरकट्टा के ग्रामीण बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि अब हमें भी सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण इत्यादि सुविधाओं का फायदा मिलेगा, साथ ही सरकारी योजनाओं से भी लाभान्वित होंगे।
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