CG: शैक्षणिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद में हुई बैठक, बुनियादी साक्षरता की हुई समीक्षा
CHHATTISGARH: बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बुनियादी स्तर हेतु तैयार राज्य की पाठ्यचर्या के आधार पर पाठ्य पुस्तकों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया। लाइब्रेरी के अधिकतम उपयोग पर चर्चा की गई। ऐसे क्षेत्रों में जहां बहु भाषा का उपयोग की आवश्यकता है, उन क्षेत्रों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया।

शिक्षकों के पास डे-टु-डे की प्लान बनाने की आवश्यकता है। वर्क बुक पर डे-टु-डे कैसे कार्य किया जाए, इस मुद्दे पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। प्रतिभागियों ने यह भी सुझाव दिया कि टीचर गाइड का क्रियान्वयन किया जाए। कक्षा कक्ष के भीतर ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाए जो नहीं सीख पा रहे हैं। अतः फॉर्मेटिव एसेसमेंट का क्रियान्वयन उचित ढं़ग से किया जाए। अधिकांश शिक्षक पुरानी पद्धति के साथ शिक्षण कराते हैं।
बैठक में बताया गया कि सुग्घर पढ़वईया कार्यक्रम में अधिकांश विद्यालय ने चुनौती ली है। ऐसे विद्यालय जिन्होंने अभी तक चुनौती नहीं ली है उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो तथा अधिक से अधिक संख्या में विद्यालयों को स्वयं का आकलन कर थर्ड पार्टी आकलन हेतु अनुरोध किए जाने हेतु तैयार किया जावेगा। इसके लिए उन्हें आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (थ्स्छ) में राज्य में सहयोग कर रहे एनजीओ आह्वान ट्रस्ट, रूम-टू-रीड, एलएलएफ, एपीएफ, संपर्क फाउंडेशन, एवं स्टोरी विवर, प्रथम एवं परिषद के अकादमिक सदस्य उपस्थित थे।
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