CG: बीजापुर के 30 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, सीएम विष्णुदेव साय ने अपनी प्रतिक्रिया में कही यह बात
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर लगातार नक्सली बंदूक छोड़कर समाज की मुख्य धारा में लौट रहे हैं। बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जताई है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनरुत्थान के लिए कार्य करने की बात कही है।
अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उन्होंने लिखा है कि अत्यंत हर्ष का विषय है कि माओवादियों की विचारधारा से क्षुब्ध होकर और छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बीजापुर के 30 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इनमें से कई ईनामी माओवादी भी रहे हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि माओवाद के काले साये से रक्षा के लिए हमारी सरकार हरसंभव और हर स्तर पर लड़ाई लड़ रही है। इस माओवाद के कुचक्र में फंस चुकी बस्तर की आम आदिवासी जनता भी अब पुनः मुख्यधारा में आने का प्रयास कर रही है, जो स्वागतेय है। हमारी सरकार नक्सलवाद का दामन छोड़ मुख्यधारा में आने वाले इन आदिवासियों के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद से माओवादियों के खिलाफ कई बड़ी सफलाएं मिली हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बीजापुर में 30 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया है। लाल गलियारा छोड़ने वाले इन नक्सलियों में से 9 के सिर पर 39 लाख रुपए का इनाम था, जबकि हर सभी के ऊपर लाखों का इनाम है। नक्सलियों का कहना है कि वह आदिवासियों पर अत्याचार और माओवाद की खोखली विचारधारा से निराश हैं।
साय सरकार के प्रयासों ला रही है बदलाव
आदिवासी क्षेत्रों में विकास के लिए विष्णु सरकार ने "नियद नेल्लानार योजना" मतलब "आपका अच्छा गांव" योजना की शुरुआत की है। जिससे कि गांव में सारी मूलभूत सुविधाएं सरकार उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से भी नक्सली प्रभावित होकर बंदूक छोड़ रहे हैं। बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले तीस नक्सलियों में 9 नक्सली लगभग 39 लाख के इनामी थे। 2024 में अब तक 180 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। वहीं 76 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।












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