छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, कोल परिवहन और परमिट लेने की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में हुए कथित कोयला लेवी घोटाले का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में गूंजा। राज्य की मौजूदा भारतीय विष्णुदेव सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अब लेवी की वसूली को रोकने के लिए सरकार ने कोल परिवहन और परमिट लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की घोषणा की है।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज भाजपा विधायक राजेश मूणत ने ध्यानाकर्षण में यह मुद्दा उठाया। जिस पर सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कि पूर्व की भूपेश बघेल सरकार ने कोल परिवहन और परमिट लेने की प्रक्रिया ऑफलाइन कर दी थी। इस प्रक्रिया को अब बंद करते हुए यह प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है।
गौरतलब है कि ईडी ने छत्तीसगढ़ में कोल लेवी के नाम पर 540 करोड़ रूपये वसूले जाने का प्रकरण उजागर किया था। इस मामले में कई प्रशासनिक अधिकारी और दलाल जेल की सलाखों के पीछे हैं। अब इस प्रकार की वसूली को रोकने के लिए भाजपा सरकार ने जो कदम उठाया है ,उससे कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिलेगी।
सीएम विष्णुदेव साय ने विधानसभा में जानकारी दी कि खनिज विभाग द्वारा एक आदेश जारी हुआ था. संचालक के द्वारा 15 जुलाई 2020 को इस आदेश के द्वारा व्यवस्था दी गई थी कि खनिज सम्मिलित द्वारा ई परमिट का भौतिक सत्यापन करने के पश्चात ही इस ट्रांजिट पास किया जा सकेगा। इसके पूर्व जो ऑनलाइन प्रक्रिया थी, उसको बंद कर कर ऑफलाइन किया गया, जिसकी वजह से परिवहन में भी लेट होता था, और भ्रष्टाचार का भी समावेश हो गया था।
सीएम साय ने कहा कि कोयला परिवहन में भ्रष्टाचार होने से राज्य छवि खराब हुई थी। ईडी इस मामले की जांच भी कर रही है। कई लोग, संचालक, माइनिंग अधिकारी आज जेल के भीतर हैं। आज मुझे बताते हुए गौरव महसूस हो रहा है कि अब ऑनलाइन टीपी जारी होगा।
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