नक्सल इलाकों में हमने काम किया है, वहां वोटिंग बढ़ेगी: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने पांच साल जो काम किया है उसकी वजह से नक्सलवाद बहुत पीछे हट गया है। यही वजह है कि सड़क के किनारे जो मतदान केंद्र थे, वो अब गांव के अंदर खुले हैं। लोग अपने गांव में ही वोट करेंगे। यही वजह है जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं वहां ज्यादा से ज्यादा वोटिंग होने की उम्मीद है।
बता दें कि आज छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 20 सीटों पर मतदान हो रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे है। नक्ल प्रभावित इलाकों में भी आज मतदान चल रहा है। गौर करने वाली बात है कि इस बार चुनावी मैदान में भूपेश बघेल के भतीजे भी पाटन सीट से मैदान में है और भूपेश बघेल को चुनौती दे रहे हैं। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि रिश्ते में हम बाप लगते हैं।

पाटन विधानसभा सीट से भूपेश बघेल के भतीजे विजय बघेल के साथ मुकाबला है। विजय बघेल दुर्ग से भाजपा सांसद हैं। लेकिन चाचा और भतीजे के बीच लंबे समय से सियासी प्रतिद्वंदिता चल रही है। 2008 और 2013 में भी दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है। 2008 में भी विजय ने अपने चाचा को चुनौती दी थी, लेकिन 2013 में भतीजे को हार का सामना करना पड़ा था।
पिछली बार भूपेश बघेल के सामने मोती लाल साहू मैदान में थे। उस वक्त भूपेश बघेल को 27000 वोट से जीत मिली थी। लेकिन चौथी बार भूपेश बघेल का चुनावी मैदान में अपने भतीजे विजय बघेल से सामना है। विजय ने सबसे पहले 2003 में चुनाव लड़ा था। उस वक्त उन्होंने एसीपी के टिकट पर पाटन सीट से चुनाव लड़ा था और हार गए थे। 2008 में विजय बघेल और भूपेश बघेल फिर आमने-सामने आए और इस बार विजय बघेल ने भूपेश बघेल को 7500 वोटों से हराया था। 2013 में भूपेश बघेल ने भतीजे को हरा दिया था।












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