बुंदेलखंड की 'शूटर गर्ल': महाराजपुर की चेलसी चौरसिया ने राइफल से बुना सपना, देशभर में गूंजा नाम
MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का महाराजपुर कस्बा, जो अपनी सादगी और शांत माहौल के लिए जाना जाता है, आज एक ऐसी बेटी के कारण सुर्खियों में है, जिसने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
शासकीय नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा चेलसी चौरसिया ने राइफल शूटिंग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और अनेक प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर बुंदेलखंड का नाम रोशन किया।

शुरुआत: एक साधारण लड़की का असाधारण सपना
चेलसी का जन्म महाराजपुर में एक सामान्य परिवार में हुआ। उनके पिता एक छोटे व्यवसायी हैं, और मां गृहिणी। 2019 में स्कूल में आयोजित एक खेल जागरूकता कार्यक्रम में चेलसी ने पहली बार राइफल शूटिंग देखी। वह बताती हैं, "जब मैंने पहली बार राइफल पकड़ी, तो मुझे लगा कि यह मेरा जुनून हो सकता है।"
प्रेरणा: परिवार और कोच का साथ
चेलसी के परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और हर कदम पर उनका साथ दिया। उनके पिता ने अपनी बचत से पहली राइफल खरीदी, और मां ने पढ़ाई और खेल में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। स्थानीय शूटिंग कोच श्री रमेश पटेल ने उनकी प्रतिभा को निखारा। चेलसी कहती हैं, "कोच सर ने मुझे सिखाया कि निशानेबाजी धैर्य और एकाग्रता का खेल है।"
प्रशिक्षण और चुनौतियां
महाराजपुर में शूटिंग रेंज की कमी के कारण चेलसी को छतरपुर या अन्य शहरों में प्रशिक्षण के लिए जाना पड़ता था। वह सुबह जल्दी उठकर बस से यात्रा करती थीं। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में महारत हासिल की, जिसमें सटीकता के लिए विशेष किट की जरूरत होती है। चेलसी कहती हैं, "शुरुआत में शूटिंग किट भारी लगी, लेकिन मैंने इसे अपनी ताकत बनाया।"
राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां
- 2023: मध्य प्रदेश राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में जूनियर वर्ग में कांस्य पदक।
- 2024: भोपाल में 67वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में अंडर-18 वर्ग में रजत पदक।
- 2025: आगरा में ऑल इंडिया एयर राइफल बेंच रेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप में अंडर-20 वर्ग में स्वर्ण पदक (209 अंक)।

पढ़ाई और खेल में संतुलन
चेलसी 11वीं कक्षा की छात्रा हैं और विज्ञान विषय में अच्छे अंक लाती हैं। वह रोजाना 3 घंटे पढ़ाई और 2-3 घंटे शूटिंग प्रैक्टिस करती हैं। उनके स्कूल के प्राचार्य श्री अजय शर्मा कहते हैं, "चेलसी ने स्कूल का नाम पूरे देश में रोशन किया है।"
भविष्य के सपने
चेलसी का लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना है। वह अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग से प्रेरित हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
चेलसी की कहानी छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनके कोच रमेश पटेल कहते हैं, "चेलसी ने साबित किया कि संसाधनों की कमी को मेहनत से पार किया जा सकता है।"












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