इस बार चंडीगढ़ में अनुभव और ग्लैमर आमने-सामने

पढे़ं-शीर्ष उम्मीदवार 2014
कौन हैं पवन बंसल
66 वर्षीय पवन बंसल 10वीं, 13वीं, 14वीं और वर्तमान लोकसभा में कांग्रेस के सांसद हैं। पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले पवन वह चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। पवन यूपीए सरकार में रेल मंत्रालय के अलावा संसदीय मामलों के मंत्री और जल संसाधन मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राज्यमंत्री के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारयिां दी हैं। रेल मंत्री के तौर पर अपने कामकाज को अंजाम देने वाले बंसल को 10 मई 2013 को भ्रष्टाचार, घूस और दूसरी अनयिमितताओं की वजह से इस्तीफा देना पड़ गया था। 2009 के चुनावों में पवन बंसल ने बीजेपी के उम्मीवार सत्यपाल जैन को 58,967 वोटों से हराया था।
कौन हैं किरन खेर
बॉलीवुड की कई फिल्मों में अपनी अदाकारी का जौहर दिखाने वाली 55 वर्षीय किरन, चंडीगढ़ की मूल निवासी हैं और यहीं से ही उन्होंने अपनी शिक्षा भी पूरी की है। किरन , अनुपम खेर की पत्नी हैं और बॉलीवुड एक्टर सिंकदर खेर की मां हैं। किरन थियेटर और ड्रामा में भी काफी सक्रिय रहीं हैं। पंजाबी भाषा की कई फिल्मों में अपने जौहर दिखा चुकीं किरन ने श्याम बेनेगल की फिल्म 'सरदारी बेगम' के साथ अपनी पहचान हिन्दी दर्शकों के बीच बनाई। इस फिल्म के लिए ही किरन को उनके करियर का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार भी हासिल हुआ। किरन साल 2009 में बीजेपी में शामिल हो गई थीं और राजनीति में आने से पहले वह कई सामाजिक कार्यों के लिए में सक्रिय रही हैं। फिलहाल इस लोकसभा चुनाव के साथ ही वह सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रही हैं।
कौन हैं गुल पनाग
35 वर्षीय गुल को लोग उनके मिस इंडिया टाइटल से जानते हैं। गुल ने 1999 में मिस इंडिया का टाइटल जीता था। गुल ने साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'धूप' के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था। देश के 14 अलग-अलग स्कूलों में अपनी शिक्षा पूरी करने वाली गुल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग हैं की बेटी हैं। पानग नॉर्दन कमांड के जीओसी के तौर पर जम्मू एवं कश्मीर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उन्हें आप पार्टी के एक संस्थापक के तौर पर ही जाना जाता है। कभी नरेंद्र मोदी की समर्थक रहीं गुल अब आप पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रही हैं। किरन की ही तरह गुल भी सक्रिय राजनीति में आने से पहले कई सामाजिक कार्यों के साथ जुड़ी रही हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों की राय में पवन बंसल पर लगे आरोप इस बार उनके लिए हालात मुश्किल कर सकते हैं। वहीं किरन खेर जिन्हें लोग एक तेज तर्रार महिला के तौर पर जानते हैं, यहां के लोगों के बीच खासी लोकप्रिय हैं। ऐसे में हो सकता है कि किरन को थोड़ा फायदा मिल जाए। वहीं गुल को लेकर विशेषज्ञों को ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं लेकिन हो सकता है कि वह यहां पर बीजेपी और कांग्रेस के एक स्थायी वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित कर लें।












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