लोकसभा चुनाव 2019: पंजाब में दांव पर कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल की साख
चंडीगढ़। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार इन दिनों चरम पर है। चुनावों में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल की साख दांव पर है। कांग्रेस के प्रत्याशी कैप्टन के पंसद के हैं, तो बादल परिवार के दो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। अकाली दल में बिखराव के बाद बादल परिवार को जहां अपने आपको साबित करना है, तो दूसरी ओर कैप्टन की भी चुनौतियां कम नहीं हैं।

मुकाबला शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के बीच
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल, पीडीए के तहत पंजाब एकता पार्टी के सुखपाल सिंह खैरा, आम आदमी पार्टी के भगवंत मान और पंजाब अपना मंच के धर्मवीर गांधी का राजनैतिक भविष्य ही तय नहीं करेंगे, बल्कि अलग विधानसभा चुनावों के लिये भी रास्ता तैयार करेंगे। पंजाब में इस बार पिछले चुनावों की तरह आम आदमी पार्टी की कोई लहर नहीं है। न ही मोदी का कोई प्रभाव। भले ही आम आदमी पार्टी मैदान में है, लेकिन मुख्य मुकाबला शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा मात्र तीन सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है।

हरसिमरत कौर बठिंडा से तीसरी बार किस्मत आजमा रही
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल बठिंडा से दो बार एमपी बन चुकी हैं। तीसरी बार फिर अपनी किस्मत आजमा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू पहली बार आनंद पुर साहिब दूसरी बार लुधियाना से एमपी बने। एक बार फिर उन्हें कांग्रेस ने लुधियाना से टिकट दिया है। शिरोमणि अकाली दल के शेर सिंह घुबाया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। वह दो बार फिरोजपुर से एमपी बन चुके हैं। और तीसरी बार मैदान में हैं।

कैप्टर ने पहले ही अपने मंत्रियों को दे दी चेतावनी
कैप्टन जानते हैं कि इस बार चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा तो पंजाब में उनके विरोधी चुनावों के बाद उनकी घेराबंदी करेंगे। यही वजह है कि आने वाले खतरे को भांपते हुए उन्होंने पहले ही अपने मंत्रियों तक को चेतावनी दे डाली कि लोकसभा चुनाव में अगर मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने में विफल होते हैं तो उन्हें कैबिनेट से हटा दिया जाएगा। कैप्टन ने कहा कि इसके अलावा उन विधायकों को भी आगामी विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं दिया जाएगा जो अपने विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित नहीं कर पाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी आलाकमान ने यह लक्ष्य प्रदेश में मिशन 13 को हासिल करना है। कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के अनुसार पंजाब के मौजूदा मंत्री अगर पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं, खासतौर से अपने निर्वाचन क्षेत्र में, तो उन्हें मंत्री पद से हटा दिया जाएगा।

कांग्रेस ने दिया दो नौजवान विधायकों को टिकट
पिछली बार कांग्रेस ने कुछ युवाओं को टिकट दी थी लेकिन इस बार दो नौजवान विधायकों को टिकट दिया है। पटियाला सीट पर आप पार्टी के डॉ. धर्मवीर गांधी से पिछले चुनाव में हारी परनीत कौर को कांग्रेस ने इस बार फिर टिकट दिया है। इस बार आप पार्टी को अपनों से जितना खतरा है उतना दूसरों से नहीं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह का कहना है कि राज्य की सभी 13 सीटों पर कांग्रेस जीतेगी तथा केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनाने में राहुल गांधी के हाथ मजबूत करेगी। उधर अकाली दल का चुनाव प्रचार लंबे समय से चल रहा है और उसने अपने उम्मीदवार पहले ही तय कर लिए थे। उसे कुछ नुक्सान इसलिए हो सकता है कि उससे अलग हुए गुट के चुनाव मैदान में आने से पंथक वोटों के बंटने की आशंका है।

पुत्रवधू के प्रचार में लगे पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी बठिंडा में लोगों से सम्पर्क कर रहे हैं। हालांकि अब उनकी उम्र धुआंधार प्रचार की इजाजत नहीं देती, फिर भी वह अपनी पुत्रवधू हरसिमरत कौर के प्रचार में लगे हुए हैं। बादल का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किए वादे पूरे नहीं किए। किसानों की हालत जस की तस है। केंद्र सरकार ने राज्य में अनेक विकास कार्य किए और मोदी सरकार की वापसी तय है। बड़े बादल पर न केवल अपनी बहू बल्कि अपने बेटे सुखबीर बादल की जीत सुनिशिचत करने की जिम्मेवारी है।

19 मई को होगा मतदान
पंजाब में लोकसभा चुनावों में मुद्दों की बात करें तो भाजपा-अकाली दल सरकार में 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान और प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी-जम्मू-कश्मीर में 14 फरवरी को हुआ पुलवामा आतंकी हमला और इसके बाद की जवाबी एयर स्ट्राइक-करतारपुर कॉरिडोर से करतारपुर गुरद्वारा (नारोवाल, पाकिस्तान) के साथ डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा (गुरदासपुर, भारत)- कांग्रेस सरकार में सभी सीमांत किसानों को 2 लाख रुपए की कर्ज छूट दी गई है और छोटे किसानों को भी छूट दी गई है। कांग्रेस सरकार ने चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है। राज्य में मतदान की तारीख 19 मई को है और मतगणना की तारीख 23 मई है।












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