कैसे हुआ 9 मिनट में नाभा जेलब्रेक, दांत दर्द का बहाना कर भागा था मास्टरमाइंड
नाभा जेलब्रेक की प्लानिंग जितनी पुख्ता थी उतने ही शातिराना अंदाज में अपराधियों ने इसे बखूबी अंजाम दिया। चंद मिनटों में 6 खूंखार कैदी जेल के बाहर थे।
नाभा। रविवार की सुबह पंजाब का हाई सिक्योरिटी नाभा जेल गोलियों की बौछार से थर्रा उठा। बदमाशों की लगभग 200 राउंड की फायरिंग का काउंटर करने के लिए जेल की सुरक्षा में लगे गार्ड्स की तरफ से एक भी गोली नहीं चली। सिर्फ 9 मिनट के अदर बदमाश जेल में घुसे और 6 खूंखार अपराधियों को लेकर चलते बने।
जेलब्रेक के बाद हरकत में आई पुलिस ने चारों तरफ जाल बिछाया और यूपी पुलिस ने कैराना में जेलब्रेक के मास्टरमाइंड परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को धर दबोचा। जिस एसयूवी में परमिंदर को पकड़ा गया, उसी में हरमिंदर सिंह मिंटू भी बैठा था जो पानीपत में गाड़ी से उतर गया था।
बाद में, दिल्ली में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को भी पुलिस ने पकड़ लिया। आइए आपको बताते हैं कि कैसे 9 मिनट में हुआ नाभा जेलब्रेक।

पुलिस की वर्दी में फर्जी कैदी को लेकर जेल में आए - 8.42-8.45 मिनट
दो आदमी पुलिस की वर्दी में एक कार से आए। उनके साथ एक आदमी था जिसके हाथ बंधे थे। एक आदमी एएसआई की वर्दी में था जबकि दूसरा, कांस्टेबल की पोशाक पहने हुए था।
दोनों ने जेल के मुख्य दरवाजे पर दस्तक दिया। कोर्ट का फर्जी वारंट दिखाया और कहा कि वे कैदी को जेल में छोड़ने आए हैं। उनको जेल के अंदर जाने दिया गया। वहीं जेल के पास पार्क की गई एक एसयूवी में 6-7 लोग बैठे थे।

पहले दो गार्ड्स को बंधक बनाया - 8.46 मिनट
मुख्या दरवाजा खुलवाने के बाद जेल के अंदर घुसकर वे वहां गए जहां कैदियों को सौंपने के लिए कागजी कार्रवाई की जाती है। वहां दो गार्डस थे जिनसे उन्होंने सेल की चाबियां मांगी ताकि साथ लाए कैदी को बंद किया जा सके।
गार्डस को संदेह हुआ और उनमें से एक ने कहा कि कैदी को वे सेल में खुद बंद कर देंगे। उन्होंने पुलिस की वर्दी में आए दोनों लोगों को बाहर जाने को कहा कि तभी उनमें से एक ने छुरा निकाला और बोलने वाले गार्ड के मुंह में डाल दिया। उसके साथी ने दूसरे गार्ड के सिर पर बंदूक तान दी और चिल्लाकर जेल के बाहर इंतजार कर रहे साथियों को बुलाया।

कैदियों की तरफ पिस्टल फेंका- 8.47 मिनट
जेल के अंदर दूसरा गेट होता है। उसके अंदर कैदियों के सेल होते हैं। बदमाशों ने हरमिंदर सिंह मिंटू के साथ-साथ बाकी गैंगस्टर्स को नाम लेकर बुलाया। फायरिंग शुरू हो गई और चारों तरफ बदमाशों ने गोलियों की बौछार शुरू कर दी।
बदमाशों ने एक पिस्टल अंदर के दरवाजे के उस पार कैदियों की तरफ फेंका। कैदियों ने गार्ड को बंधक बना लिया। चाबी छीनकर एक ताला खोला और दूसरे ताले को फायर करके तोड़ दिया। प्लान के मुताबिक, 6 खूंखार अपराधी जेल के बाहर आ गए।

बाहर खड़ी एसयूवी से हुए फरार - 8.50 मिनट
जेल से निकलकर 6 अपराधी बाहर खड़ी एसयूवी में बैठे और फरार हो गए। बाकी बदमाश दूसरी गाड़ी में बैठकर भाग गए।
बदमाशों ने जेलब्रेक के लिए सुबह के नाश्ते का समय चुना जब सभी कैदियों को सेल से बाहर लाया जाता है। जेलब्रेक रोकने के लिए किसी पुलिसवाले ने एक भी गोली नहीं चलाई। मेन गेट के टॉप पर लाइट मशीनगन लगी होती है लेकिन उस वक्त वहां उसे चलाने के लिए कोई मौजूद नहीं था।

जेलब्रेक का मास्टरमाइंड पिंदा उर्फ परमिंदर सिंह
यूपी पुलिस ने कैराना से जेलब्रेक के मास्टरमाइंड परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को पकड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल की जिसके बाद खालिस्तानी आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू को भी दिल्ली में पुलिस ने धर दबोचा।
मेरठ जोन के आईजी अजय आनंद ने कहा कि परमिंदर ने स्वीकार किया है कि उसके भाई गुरप्रीत और शेखू ने इस जेलब्रेक में मदद की। पुलिस की वर्दी में प्रेमा और हैरी जेल में गए थे। परमिंदर के पास से फॉर्च्यूनर गाड़ी के साथ एसएलआर, तीन रायफल और भारी मात्रा में गोलियां जब्त की गई हैं।
दांत में दर्द का बहाना बनाकर नाभा अस्पताल से भागा था पिंदा
परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा नाभा जेल में बंद था लेकिन वह 2016 के अप्रैल में वहां से भागने में कामयाब हो गया था। उसने दांत दर्द का बहाना किया जिसके बाद उसे नाभा हॉस्पिटल ले जाया गया था।
वहां उसके चार हथियारबंद साथियों ने हमला कर पिंदा को छुड़ा लिया। एक साल पहले पटियाला पुलिस ने पिंदा को 2013 में हुए एएसआई गुरदेव सिंह मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया था।












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