Chandauli में जाति प्रमाण पत्र के लिए लेखपाल ने मांगे 15 हजार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा
चंदौली जिले में लेखपाल द्वारा जाति प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के लिए एक व्यक्ति से 15 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई। एंटी करप्शन ने मंगलवार को लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

Chandauli जिले में जाति प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के लिए एक लेखपाल द्वारा 15 रुपए की रिश्वत मांगी गई। इस मामले में भुक्तभोगी द्वारा इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की गई। एंटी करप्शन इकाई वाराणसी ने लेखपाल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
लेखपाल के पकड़े जाने के बाद चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील में हड़कंप देखने को मिली। पकड़े गए लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन की टीम द्वारा आवश्यक और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील अंतर्गत सराय पकवान गांव का है। गांव के रहने वाले घनश्याम गौड़ अपने परिवार के सदस्यों का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए थे। घनश्याम का आरोप है कि इसके लिए लेखपाल श्वेता तिवारी द्वारा उनसे रिश्वत मांगी गई।
उन्होंने कहा कि पाल द्वारा बताया गया कि परिवार के सदस्यों का एक-एक करक आवेदन करें और 15000 रुपए देने पर सभी लोगों की जाति प्रमाण पत्र के लिए रिपोर्ट लगा दी जाएगी। घनश्याम द्वारा इसका विरोध किया गया तो रिपोर्ट ना लगाने की बात कही गई।
ऐसे में परेशान होकर घनश्याम गौड़ ने एंटी करप्शन वाराणसी काय के अधिकारियों से संपर्क किया। संपर्क करने के बाद उन्होंने अधिकारियों से पूरा वाकया बताया। उसके बाद एंटी करप्शन के अधिकारियों द्वारा जाल बिछाया गया।
मंगलवार को दोपहर में लेखपाल ने घनश्याम गौड़ को पैसा लेकर बुलाया। 5000 रुपए लेकर घनश्याम गौड़ सकलडीहा तहसील के दूसरे मंजिल पर स्थित सभागार में पहुंचा। उसने लेखपाल को पैसा दे दिया उसी दौरान एंटी करप्शन की टीम वहां पहुंची और रंगे हाथ लेखपाल श्वेता तिवारी को हिरासत में ले लिया।
लेखपाल के पकड़े जाने के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक संध्या सिंह द्वारा लेखपाल से पूछताछ की गई और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वह इस मामले को लेकर तहसील परिसर में तरह-तरह की चर्चा चल रही है।












Click it and Unblock the Notifications