आसमान छूने वाली Bitcoin एक हफ्ते में कैसे हुई धड़ाम? क्रिप्टो निवेशकों के लिए आगे क्या?
नई दिल्ली, 20 मई। पिछले दिनों से अस्थिरता देख रहे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बुधवार को भारी उथल-पुथल देखी गई जब बड़ी दुनिया की टॉप क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन समेत एथेरियम, डोजकॉइन और अन्य की कीमतें 24 घंटे में 30 प्रतिशत तक गिर गईं। यह भारी गिरावट मंगलवार को चीन के उस फैसले का बाद देखी गई जब क्रिप्टोकरेंसी पर सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की है।

क्या है चीनी ऐलान?
चीन की तीन निकायों ने संयुक्त बयान जारी कर वित्तीय संस्थानों और भुगतान माध्यमों को किसी भी तरह से क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार में शामिल न होने को कहा है। इस प्रतिबंध के तहत अब बैंक और डिजिटल पेमेंट प्रदान करने वाले संस्थान ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कोई सुविधा जैसे रजिस्ट्रेशन, खरीद और सेटलमेंट नहीं दे सकेंगे। इसके पहले 2017 में चीन ने सभी स्थानीय क्रिप्टो एक्सचेंज को बंद कर दिया था और 2019 में देश में सभी घरेलू और विदेशी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज में एक्सेस को रोक दिया गया था। लेकिन इस बार के प्रतिबंधों को और व्यापक किया गया है।
तीनों निकायों ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें आसमान छूकर नीचे आ रही हैं। क्रिप्टोक्यूरेंसी का सट्टा व्यापार फिर से शुरू हो गया है, जो लोगों की संपत्ति की सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन करता है और सामान्य आर्थिक और वित्तीय व्यवस्था को बाधित करता है।"

चीन की सख्ती ही इकलौती वजह नहीं
चीन की घोषणा के बाद पहले से ही नीचे आ रहे क्रिप्टो मार्केट में उथल-पुथल मच गई। क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बिनांस के मुताबिक बुधवार को शाम 7 बजे दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पिछले 24 घंटे में करीब 21 प्रतिशत नीचे गिरकर 34,693 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। वहीं दूसरे नंबर की क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम 25 प्रतिशत नीचे गिरकर 2453 डॉलर पर आ गई थी।
कई और कारक
बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट के पीछे सिर्फ चीनी घोषणा ही जिम्मेदार है ऐसा भी नहीं है। पिछले सप्ताह ही बिटकॉइन के बड़े समर्थक और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने यू-टर्न लेते हुए कहा था कि कंपनी अब बिटकॉइन में भुगतान को स्वीकार नहीं करेगी जबकि मार्च में ही उन्होंने इसे शुरू करने के बारे में बताया था। एलन मस्क की घोषणा के बाद बिटकॉइन में तेजी से गिरावट देखी गई थी और यह मार्च के बाद पहली बार 50 हजार के नीचे आई थी। वहीं चीन के ताजा फैसले के बाद यह 9 फरवरी के बाद पहली बार 40 हजार के नीचे पहुंची है।

अब आगे क्या?
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बिटकॉइन के विरोध में होने के बावजूद क्रिप्टो बाजार के लोगों ने इस गिरावट को अल्पकालिक सुधार करार दिया है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन की कीमत में अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से लगभग 40% की गिरावट नाटकीय हुई है लेकिन क्रिप्टोकरेंसी जैसे अस्थिर बाजार वाले क्षेत्र में यह सामान्य है। खासतौर पर जब इसने कुछ समय में ही इतनी अधिक ऊंचाई को छुआ हो। इस तरह की घटनाएं कम समय में लाभ लेकर निकलने वाले व्यापारियों के चलते होती हैं। वहीं लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक इसे खरीदने के मौके के रूप में देखते हैं।












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