कौन हैं सुमंत कठपालिया, जिन्होंने 1979 करोड़ के नुकसान की ली जिम्मेदारी,इंडसइंड बैंक के CEO पद से दिया इस्तीफा
Sumant Kathpalia Indusind Bank CEO: इंडसइंड बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुमंत कठपालिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मंगलवार 29 अप्रैल को अपना इस्तीफा दिया है। सुमंत कठपालिया के इस्तीफे के बाद बैंक कामकाज को चलाने के लिए RBI के निर्देशन में अधिकारियों की एक अंतरिम कमिटी बनायी जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IndusInd Bank के CEO सुमंत कठपालिया ने बैंक में हाल ही में कुछ गड़बड़ी और चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आपना इस्ताफी दिया है। आइए जानते है कौन हैं IndusInd Bank के CEO सुमंत कठपालिया? उन्होंने किस लिए दिया अपने पद से इस्तीफा?

कौन हैं सुमंत कठपालिया?
सुमंत कठपालिया ने मार्च 2020 में इंडसइंड बैंक के CEO के रूप में कार्यभार संभाला था और बैंक में उनकी कुल सेवा 12 वर्षों से अधिक रही। उनकी शैक्षिक योग्यता में चार्टर्ड एकाउंटेंट की डिग्री और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री शामिल है।
इंडसइंड बैंक में शामिल होने से पहले, उन्होंने ABN AMRO में उपभोक्ता बैंकिंग प्रमुख के रूप में कार्य किया था और इससे पहले Citibank और Bank of America में भी विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्य किया था। उन्होंने निर्णय विज्ञान और डिजिटलीकरण का उपयोग करके व्यवसाय मॉडल को पुनर्जीवित करने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया था।
नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया इस्तीफा
सुमंत कठपालिया ने कहा, 'मुझे जो त्रुटियां बताई गईं, उनकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं पद छोड़ रहा हूं।' कठपालिया 12 साल से बैंक की कोर मैनेजमेंट का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने अपनी पूरी टीम और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए 5 साल के कार्यकाल के दौरान मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया, जब इंडसइंड बैंक ने डेरिवेटिव्स के मामलों में अकाउंटिंग घाटे की जांच की जानकारी दी। बैंक ने बताया कि एक स्वतंत्र पेशेवर फर्म ने 26 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट दी, जिसमें 31 मार्च 2025 तक पी एंड एल (पैसिव और लॉस) पर 1979 करोड़ रुपये का प्रतिकूल प्रभाव पाया गया।
इंडसइंड बैंक ने पहले 15 अप्रैल को इस घाटे की राशि का खुलासा किया था। बैंक ने आश्वासन दिया कि वह इस वित्तीय वर्ष के 2024-25 के वित्तीय विवरणों में लेखांकन विसंगतियों के प्रभाव को सही तरीके से दर्शाएगा और इसके लिए आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करेगा।












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