Credit Card Minimum Due: भूलकर भी क्रेडिट कार्ड का यह विकल्प ना चुनें, होगा भारी नुकसान
Credit Card Minimum Due: अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बैंक की ओर से न्यूनतम राशि भुगतान करने का विकल्प दिया जाता है। क्या सच में यह आपके लिए फायदे का सौदा है, समझिए आसान भाषा में।

Credit Card Minimum Due: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किसे नहीं पसंद। बैंक आपको एक तय राशि खर्च करने की अनुमति देता है और आपको यह पैसा 50 दिन के लिए बिना किसी शुल्क के मिलता है। यही एक बड़ी वजह है कि लोगों को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना पसंद है। लेकिन क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। जैसे आपने जितना भी पैसा क्रेडिट कार्ड से खर्च किया है उसका तय समय के भीतर भुगतान करें। खर्च की गई पूरी राशि को एक साथ जमा करने की आदत डालें नहीं तो यह आपके लिए घाटे का सौदा भी साबित हो सकता है।
न्यूनतम राशि भुगतान करने का विकल्प
अक्सर आप जब अपने क्रेडिट कार्ड का बिल देखते होंगे तो उसके भुगतान के लिए आपको कई विकल्प दिए जाते हैं। क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने वाला बैंक आपके द्वारा खर्च की गई पूरी राशि को बताता है और आपको दो विकल्प देता है। पहला विकल्प पूरी बकाया राशि का भुगतान और दूसरा मिनिमम यानि न्यूनतम राशि का भुगतान। चूंकि न्यूनतम राशि काफी कम होती है लिहाजा लोग इस विकल्प को चुन लेते हैं लेकिन यह ऐसा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आप ना सिर्फ बकाया राशि पर भारी ब्याज का भुगतान करते हैं बल्कि आपके सिबिल स्कोर पर भी इसका असर देखने को मिलता है
कैसे निकलता है Minimum Due
क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने वाले बैंक अपने ग्राहकों को न्यूनतम राशि भुगतान कराने का विकल्प मुहैया कराते हैं। यह कुल राशि का 5 फीसदी होता है। ऐसे में अगर आपके पास पैसों की कमी है और अपना पूरा बिल नहीं पे कर सकते हैं तो आप इस विकल्प को चुन सकते हैं। ऐसे में बाकी के 95 फीसदी राशि को आप एक महीने के भीतर पे कर सकते हैं। ऐसा करने से आप लेट फीस के जुर्माने से बच जाते हैं। लेकिन यहां पर समझने वाली यह बात है कि बाकी की राशि पर आपको प्रति माह 3-3.50 फीसदी का ब्याज देना पड़ता है जोकि साल के हिसाब से 35-40 फीसदी होता है।
1 लाख का न्यूनतम बिल
मान लीजिए अगर आपने अपने क्रेडिट कार्ड से 1 लाख रुपए का इस्तेमाल किया। तो आपकी न्यूनतम राशि 5000 रुपए होगी जिसे अदा करना होगा। साथ ही अगर आपने क्रेडिट कार्ड से कोई सामान ईएमआई पर लिया और इसकी ईएमआई 5000 रुपए है तो आपका बिल 105000 रुपए होगा। जिसका 5 फीसदी 5250 रुपए होगा जोकि आपको न्यूनतम राशि के तौर पर देनी होगी और बाकि के बाकी के 99750 रुपए आप एक महीने के भीतर अदा कर सकते हैं।
कितना अतिरिक्त देना पड़ेगा?
बकाया राशि जोकि 99750 रुपए है इसपर आपको महीने के हिसाब से 3-3.5 फीसदी तक का ब्याज देना पड़ सकता है। मान लेते हैं आपका बैंक आपसे बकाया राशि पर 3 फीसदी प्रति माह का ब्याज लेता है तो बकाया राशि पर 3 फीसदी ब्याज और इस ब्याज की राशि पर आपको 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। लिहाजा आपको 99750+2992.5+538.65 यानि 103281.15 रुपए देने होंगे। यानि आपको कुल 3531.15 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा।
न्यूनतम राशि अदा करने का बड़ा नुकसान
यहां गौर करने वाली बात है कि अगर आपने क्रेडिट कार्ड के बिल का न्यूनतम भुगतान किया है कि अगले साइकिल में आपका मिलने वाली 50 दिन की क्रेडिट लिमिट खत्म हो जाती है। इसे उदाहरण से समझते हैं। जैसा कि आपका पिछले महीने का बकाया बिल 99750 रुपए है और आपने 10250 रुपए और खर्च किए तो आपको इस महीने पूरे 110000 रुपए पर 3 फीसदी ब्याज और ब्याज पर 18 फीसदी का जीएसटी देना होगा। यानि आपको अगले साइकिल में 110000+3300+594 यानि कुल 113894 रुपए देना होगा। यानि अगले महीने आपने जो 10250 रुपए का इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड से किया है उसपर भी आपको प्रति माह 3 फीसदी की दर से ब्याज देना पड़ा क्योंकि बैंक ने आपको दी जाने वाली 50 दिन की क्रेडिट लिमिट को खत्म कर दिया।












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