फिनटेक इंडस्ट्री के लिए उम्मीदों भरा है अगला वित्त वर्ष, जानें बजट से क्या चाहती हैं कंपनियां
नई दिल्ली, 30 जनवरी: संसद का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसके बाद एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2022 को पेश करेंगी। 2021 वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) के लिए एक अभूतपूर्व साल रहा है। पिछले साल कोविड की दूसरी लहर की वजह से लोग घरों में कैद रहे और डिजिटल लेन-देन को जमकर बढ़ावा दिया। सरकार भी लगातार डिजिटल लेनदेन और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दे रही है। जिस वजह से साल 2021 में पूरे भारत में लगभग 44 बिलियन डिजिटल भुगतान दर्ज किए गए। ऐसे में आने वाले बजट से फिनटेक इंडस्ट्री की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

इस मुद्दे पर Zeta के अध्यक्ष-बैंकिंग मुरली नायर ने कहा कि 2021 भारतीय फिनटेक और स्टार्टअप उद्योग के लिए एक अभूतपूर्व वर्ष था। इस साल 40+ स्टार्टअप को यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त करने के साथ, स्टार्टअप उद्योग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई। भारत में डिजिटल भुगतान में एक निरंतर तेजी और भुगतान के डिजिटल तरीकों को अपनाने में वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट में तेजी को देखते हुए बजट में ग्राहक, व्यापारियों और पारिस्थितिकी तंत्र में टैक्स की छूट की पेशकश करनी चाहिए।
वहीं बायोकैच के कंट्री हेड विक्रम गिडवानी ने कहा कि भारतीय बैंकिंग और फिनटेक उद्योग एक बड़ी डिजिटल क्रांति के बीच में है। कोरोना काल में नियामकों की सहायता से वीडियो केवाईसी जैसे नियम आए, जिससे लोगों को सुविधा मिली, लेकिन डिजिटलीकरण के साथ साइबर अपराधों में वृद्धि का एक बड़ा खतरा आता है। आगामी बजट में, हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार एक बजट आवंटित करेगी और देश के साइबर सुरक्षा ढांचे के निर्माण के लिए निवेश करेगी।
वहीं पेवर्ल्ड फिनटेक के सीओओ प्रवीण धाभाई ने कहा कि हमारी इंडस्ट्री ने पारदर्शिता, कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार बजट में नई और मौजूदा फिनटेक कंपनियों/स्टार्ट अप दोनों का ध्यान रखेगी।












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