अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने आखिकार ब्याज दरों पर बढ़त रोकी, लगातार 10 बढ़ोत्तरी के बाद मिली राहत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को आखिरकार ब्याज दरों पर लगाम लगाने का फैसला लिया है। लगातार 10 तिमाही में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के बाद इस बार फेडरल रिजर्व ने इस बार ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की है।
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जिरोम पॉवेल ने कहा कि हमारे फैसले से अर्थव्यवस्था को थोड़ा और बेहतर होने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। फेडरल रिजर्व के फैसले का बाद अब ब्याज दरें 5-5.25 के बीच आ गई है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के ऐलान से पहले इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि फेड इस बार ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं करेगा। 15 महीनों से लगातार ब्याज दरों में हो रही बढ़ोत्तरी की वजह अमेरिका में बड़ा संकट देखने को मिल रहा था, लेकिन इस बार आखिरकार फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों पर लगाम लगाई।
दरअसल महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करते हैं, बाजार से लिक्विडिटी को कम करते हैं जिससे की मांग घटे और लोग कम पैसा खर्च करें। लेकिन इससे देश की विकास दर बुरी तरह से प्रभावित होती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक के सामने महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होती है।
फेडरल की ओर से कहा गया है कि अभी हमने महंगाई पर जीत हासिल नहीं की है। महंगाई के खिलाफ हमारी लड़ाई अभी भी जारी है। फेड की ओर से कहा गया है कि इस साल हमे दो बार और ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करनी पड़ सकती है।
ऐसे में एक तरफ जहां फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं की है, लेकिन अगले 40 दिनों में फिर से ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। फेडरल महंगाई दरों का आंकलन के बाद यह फैसला ले सकता है।
फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद दुनियाभर के बाजार में इसका असर देखने को मिल सकता है। बाजार में इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। भारत के बाजार आज हरे निशान पर खुले हैं, सेंसेक्स 52 अंक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है जबकि निफ्टी 28 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications