UPI Services Down: एक हफ्ते में दूसरी बार UPI सेवाओं में आउटेज, पेमेंट करने में परेशानी
UPI Service Down: देशभर में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) सेवाओं में बुधवार (02 अप्रैल) को रुकावट देखी गई, जिससे कई यूजर्स को डिजिटल भुगतान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह समस्या एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार सामने आई है। इससे पहले 26 मार्च को भी यूपीआई सर्विस में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार रात 8 बजे तक 449 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से लगभग 53 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं ने ऐप्स के माध्यम से फंड ट्रांसफर में समस्या होने की शिकायत की।

UPI आउटेज को सोशल मीडिया पर नाराजगी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर कई उपयोगकर्ताओं ने इस आउटेज को लेकर नाराजगी जताई। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, "लगता है UPI फिर से डाउन हो गया है।" जबकि दूसरे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "इस रेट से मुझे एक दिन होटल में बर्तन धोने पड़ेंगे। सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए कि UPI सुचारू रूप से काम करे।"
26 मार्च को भी प्रभावित हुई थी सेवाएं
26 मार्च को भी एक बड़े UPI आउटेज की वजह से डिजिटल लेनदेन प्रभावित हुआ था। उस समय भुगतान नियामक NPCI ने कहा था कि तकनीकी समस्याओं के कारण यूपीआई में आंशिक गिरावट आई थी, जिसे बाद में सुलझा लिया गया।
UPI की बढ़ती लोकप्रियता और चुनौतियां
UPI एक त्वरित भुगतान प्रणाली है, जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा विकसित और प्रबंधित किया जाता है। इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। वर्ल्डलाइन की '2एच 2024 के लिए इंडिया डिजिटल पेमेंट्स रिपोर्ट' के अनुसार, UPI लेनदेन की मात्रा 2024 की दूसरी छमाही में 42 प्रतिशत बढ़कर 93.23 बिलियन तक पहुंच गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वॉल्यूम और वैल्यू के मामले में तीन प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म फोनपे, गूगल पे और पेटीएम हैं।
एक तरफ जहां मोबाइल लेनदेन के प्रति बढ़ती प्राथमिकता से UPI का उपयोग बढ़ रहा है को दूसरी तरफ लगातार हो रही तकनीकी समस्याओं ने इस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपयोगकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार और NPCI इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानियों से बचा जा सके।












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