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Union Budget 2020: आसान भाषा में समझें क्या होता है बजट,जानें इन शब्दों के मतलब

Union Budget 2020: आसान भाषा में ससझें क्या होता है बजट,जानें इन शब्दों के अर्थ

नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का बजट पेश करने जा रही है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करेंगी। बजट पेश होने से पहले आप बजट के उन शब्दों के बारे में जान लें, जिसका इस्तेमाल इसमें होता है, लेकिन वो शब्द हमारी आम जानकारी में नहीं होते हैं। बजट को समझने के लिए आपको इन शब्दों की जानकारी होनी चाहिए। Union Budget 2020 से पहले आप इन शबदों से परिचित हो जाएं ताकि बजट को समझने में आपको कोई परेशानी न आएं।

 क्या होता है बजट

क्या होता है बजट

आम बजट में देश के सभी मंत्रालयों और सभी विभागों में साल भर( वित्तीय वर्ष) में खर्च और आमदनी का पूरा ब्योरा होता है। अगर इसे साधारण भाषा में समझना चाहे तो जिस तरह से हम अपने घर का बजट तैयार करते हैं। अपनी आमदनी और अपने खर्च का ब्यौरा रखते हैं,ठीक उसी तरह से सरकार भी अपनी आमदनी और अपने खर्चा का पूरा ब्यौरा देश के सामने पेश करती है। बजट के जरिए सरकार एक वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के खर्च और आमदनी का पूरा लेखा जोखा पेश करती है।

कब पेश होता है बजट

कब पेश होता है बजट


सरकार बजट के जरिए सभी मतों में किए गए खर्च और राजस्व प्राप्ति का ब्यौरा देती है। सरकार देश को बताती है कि उन्होंने किन-किन योजनाओं पर साल भर में कितना खर्च करना है इसकी सभी जानकारी इस बजट में होती है। पहले की तरह एक बार फिर से रेल बजट को आम बजट का हिस्सा कर दिया गया है। 1 अप्रैल 2017 को एक फिर रेल बजट को आम बजट में शामिल कर दिया गया। आम बजट को फरवरी के अंतिम संसदीय कार्यकारी दिन को पेश किया जाता था। साल 2000 तक बजट शाम 5 बजे पेश होता था। इससे पहले ब्रिटिश शासन काल में भारत का बजट ब्रिटेन में दोपहर को पास होता था, जिसे बादमें बदलकर 5 बजे कर दिया गया। साल 2001 में एनडीए के शासन काल में बीजेपी के वित्त मंत्री यशवंत सिंह ने इस परंपरा को बदलते हुए बजट पेश करने का समय बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया। मोदी सरकार ने आम बजट पेश किए जाने का समय 1 फरवरी को तय कर दिया है।

जानिए बजट के कुछ महत्वपूर्ण शब्दों को...

जानिए बजट के कुछ महत्वपूर्ण शब्दों को...

विनिवेश: जब सरकार किसी पब्लिक सेक्टर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को निजी क्षेत्र में बेच देती है, तो उसे विनिवेश कहा जाता है।

डायरेक्ट टैक्स: किसी भी व्यक्ति और संस्थानों की आय और उसके इनकम के सोर्स पर इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स और इनहेरिटेंस टैक्स
इनडायरेक्ट टैक्स: उत्पादित वस्तुओं और आयात-निर्यात वाले सामानों पर लगने वाला टैक्स

जीडीपी: एक वित्तीय वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं का कुल जोड़

राजकोषीय घाटा: सरकार के कुल खर्च और राजस्व प्राप्तियों और गैर कर्जपूंजी प्राप्तियों के जोड़ के बीच का अंतर

उत्पाद शुल्क: देश की सीमा के भीतर बनने वाले सभी उत्पादों पर लगने वाला टैक्‍स

बजट घाटा (Budgetary deficit): बजट घाटा कि स्थिति तब पैदा होती है जब खर्चे, राजस्व से अधिक हो जाती है.

सीमा शुल्क: देश में आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाला कर

इन शब्दों का मतलब समझना जरूरी

इन शब्दों का मतलब समझना जरूरी

कॉरपोरेट टैक्स: कॉरपोरेट संस्थानों या फर्मों पर लगाने वाला कर, हालांकि जीएसटी के बाद ये खत्म हो गया

सेनवैट: केंद्रीय वैल्‍यू एडेड टैक्‍स है, जो मैन्युफैक्चरर पर लगाया जाता है।

बांड: कर्ज का एक सर्टिफिकेट, जिसे कोई सरकार या कॉरपोरेशन जारी करती है । इसके जरिए मुनाफा कमाना जाता है।

बैलेंस ऑफ पेमेंट: देश और बाकी के देशों के बीच वित्तीय लेनदेन के हिसाब को भुगतान

बैलेंस बजट : एक केंद्रीय बजट बैलेंस बजट तब कहलाता है, जब वर्तमान प्राप्तियां मौजूदा खर्चों के बराबर होती है।

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