बड़ी टेलिकॉम कंपनियों ने JIO के लिए पीएमओ को एक महीने में लिखी दो चिट्ठियां
नई दिल्ली। देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी भेजी है। यह चिट्ठी रिलायंस जियो के संबंध में लिखी गई है।

कंपनियों की ओर से कहा गया है कि वे किसी भी दशा में रिलायंस जियो के उस अनुरोध को स्वीकार नहीं कर सकती और न ही उनका कोई दायित्व नहीं बनता जिसमें जियो के इंटरकनेक्शन की बात कही गई है।
कंपनियों ने कहा है कि जियो के कॉलिंग ट्रैफिक को टर्मिनेट करने के लिए उनके पास नेटवर्क और आर्थिक संसाधन, दोनों नहीं हैं।
एक महीने में लिखा दो पत्र
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने पीएमओ के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा को एक महीने के भीतर दूसरा पत्र लिखा है।
एसोसिएशन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 'जियो के संभावित 10 करोड़ इनकमिंग वाइस ट्रैफिक को अनलोड करने से अपरेटरों का वेटेड एवरेज वाइस रियलाइजेशन 30-40 पैसे प्रति मिनट से कम होकर 22-25 पैसे प्रति मिनट या फिर इससे भी कम हो जाएगा।'
किया गया आगाह
यह पत्र 2 सितंबर को भेजा गया था। पत्र में इस बात के लिए भी आगाह किया गया है कि अगर वेटेड एवरेज वाइस रियलाइजेशन में कमी आई तो पहले से खराब हालात की शिकार कंपनियों की हालत और भी ज्यादा खराब हो जाएगी।
एसोसिएशन के मुताबिक भारत में इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल ट्रैफिक का अनुपात अमूमन 1:1 रहता है।
जियो के बीटा टेस्ट में यह 15:1 हो चुका है। जब उसके संभावित 10 करोड़ ग्राहक अनलिमिटेड फ्री कॉल की आदत हो जाएगी तो यह निश्चित तौर पर 15:1 का हो जाएगा।












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