Tax Collection: केंद्र के लिए खुशखबरी! प्रत्यक्ष कर संग्रह में 19 प्रतिशत की वृद्धि, 81 परसेंट टारगेट पूरा
Direct Tax Collection: वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.77 प्रतिशत बढ़कर 17.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है। गुरुवार को वित्त मंत्रालय की ओर जारी आंकड़ों में कहा गया कि 2022-23 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.70 लाख करोड़ रुपये रहा, पिछले साल इस अवधि की तुलना में 19.41 प्रतिशत अधिक है। केंद्र ने बताया कि ये टैक्स कलेक्शनल वित्त वर्ष 2023-24 के लिए प्रत्यक्ष करों के लिए कुल बजट अनुमानों का 80.61 प्रतिशत है।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार एक बयान में कहा, "वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 10 जनवरी, 2024 तक रॉस प्रत्यक्ष कर संग्रह रु. 17.18 लाख करोड़, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के सकल संग्रह से 16.77% अधिक है।"

वित्त मंत्रालय ने गुरुवार एक बयान में कहा, "वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 10 जनवरी, 2024 तक ग्रॉस प्रत्यक्ष कर संग्रह रु. 17.18 लाख करोड़, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के सकल संग्रह से 16.77% अधिक है।"
केंद की ओर जारी आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल, 2023 से 10 जनवरी, 2024 के दौरान 2.48 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं। जबकि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में 10 जनवरी, 2024 तक स्थिर रूप से वृद्धि दर्ज की गई।
सकल कॉरपोरेट आयकर (सीआईटी) और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) में वृद्धि दर क्रमश: 8.32 प्रतिशत और 26.11 प्रतिशत रही। रिफंड के समायोजन के बाद सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 12.37 प्रतिशत और पीआईटी संग्रह में 27.26 प्रतिशत रही।
वहीं सकल राजस्व संग्रह की बात करें तो कॉर्पोरेट आयकर (CIT) में 8.32 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। जबकि एसटीटी सहित पीआईटी दोनों के आंकड़ों पर संयुक्त रूप से नजर डालें तो 26.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अब तक 2023-24 में अब तक 2.48 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया जा चुका है। पिछले कुछ वर्षों में टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने और टैक्स के स्रोतों के विकसित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए। जिसके चलते प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि देखी जा रही है।












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