टाटा स्टील ने रूस के साथ अपना बिजनेस किया बंद, अब नहीं होगा कोई व्यापार
बेंगलुरू, 21 अप्रैल। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच टाटा स्टील ने रूस के साथ व्यापार को रोक दिया है। देश की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी टाटा स्टील ने बुधवार को ऐलान किया कि वह रूस के साथ अपने बिजनेस को बंद कर रहा है। माना जा रहा है कि वैश्विक प्रतिबंध से बचने के लिए टाटा स्टील ने यह फैसला लिया है। कंपनी की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि टाटा स्टील का रूस में कोई भी व्यापार नहीं है, ना ही हमारा कोई कर्मचारी वहां है। हमने विवेक के आधार पर यह फैसला लिया है कि हम रूस के साथ बिजनेस नहीं करेंगे।

रूस से 15 फीसदी कोयले का आयात करता है टाटा
बता दें कि टाटा स्टील रूस के कोयले का आयात करता है, स्टील निर्माण की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले कोयले का टाट स्टील रूस से आयात करता था। तकरीबन 15 फीसदी कोयले का आयात टाटा स्टील रूस से करता था, लेकिन अब इसे रोक दिया गया है। भारत में कुछ और कंपनियां भी हैं जिन्होंने रूस के साथ बिजनेस को बंद कर दिया है। गौर करने वाली बात है कि भारत की ओर से यूएन में रूस के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाई गई है।

कई कंपनियों ने भी बंद किया है बिजनेस
टाटा स्टील से पहले इंफोसिस ने भी रूस से अपने बिजनेस को बंद करने का ऐलान किया था। भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह रूस से अपने बिजनेस को बंद करने जा रही हैं। बता दें कि पश्चिमी देश लगातार भारत से रूस के खिलाफ खुलकर बोलने की अपील कर रही हैं। कई पश्चिमी कंपनियों ने भी रूस से अपना बिजनेस बंद कर दिया है। जिसमे एडोबी, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।

रूस पर निर्भरता खत्म करना लक्ष्य
बता दें कि टाटा स्टील की सभी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भारत, यूके और नीदरलैंड में हैं। अब यहां पर रूस से आने वाले कोयले का विकल्प तलाशा जा रहा है। कंपनी रूस के अलावा वैकल्पिक सप्लायर की तलाश कर रही है, जहां से कोयले का आयात किया जा सके, जिससे की रूस पर निर्भरता खत्म हो सके। टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूरोपियन यूनियन ने अपना बिजनेस रूस में खत्म कर दिया है। यूके और नीदरलैंड भी इसका हिस्सा हैं।












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