Tata के हाथों में एयर इंडिया की कमान पर सरकार की सफाई , जानिए क्या कहा
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। टाटासंस के हाथों में एक बार फिर से एयर इंडिया की कमान जाने मीडिया रिपोर्ट्स का सरकार ने खंडन किया है। मीडिया के हवाले से शुक्रवार को खबर आई कि एयर इंडिया की बोली टाटा ने जीत ली है, लेकिन थोड़ी देर बाद ही सरकार की ओर से इसका खंडन जारी कर दिया गया। सरकार की ओर से निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव ने ट्वीट कर जानकारी दी और लिखा कि मीडिया में चल रही खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक एयर इंडिया के फाइनेंशियल बिड को मंजूरी नहीं दी है। सरकार जब इस पर फैसला लेगी, मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी।

सरकारी कंपनी एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार लंबे वक्त से कोशिश कर रही थी। आपको बता दें कि एयर इंडिया पहले भी टाटा ग्रुप की ही कंपनी थी। इसकी स्थापना जेआरडी टाटा ने साल 1932 में की थी, लेकिन एविएशन सेक्टर का राष्ट्रीय करण होने के बाद सरकार ने इसकी हिस्सेदारी खरीद ली। एयर इंडिया को पब्लिक कंपनी बना दिया गया।
हालांकि पब्लिक कंपनी के बाद से एयर इंडिया भारी नुकसान में रही। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2019-20 में केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस विमान कंपनी पर 38,366.39 करोड़ रुप का कर्ज हो गया। सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि अगर एयर इंडिया को बेचा नहीं गया तो इसे बंद करना ही एकमात्र विकल्प होगा। आपको बता दें कि एयर इंडिया की कुल फिक्स्ड संपत्ति 45,863.27 करोड़ रुपए की है। कंपनी को कर्ज के बोझ से दूर करने के लिए पहले भी कोशिश की गई।












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