भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

आम्रपाली बिल्डर को SC की फटकार, कहा-कोर्ट के साथ दिखाई होशियारी तो कर देंगे बेघर

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने आम्रपाली ग्रुप को फटकार लगाई और कोर्ट के साथ चालाकी नहीं दिखाने की चेतावनी दी। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली को घर खरीददारों के करोड़ों रुपयों की हेराफेरी को लेकर सवाल किया। कोर्ट ने पूछा कि उसके पास इतना रकम कहां से आई और किस नियम के साथ उसने उन रकम को एक अकाउंट से दूसरे ट्रांसफर किया गया। कोर्ट ने आम्रपाली को फटकार लगाते हुए कहा कि वो कोर्ट के साथ होशियारी दिखाने की कोशिश न करें वरना उन्हें बेघर कर दिया जाएगा।

    Supreme Court warns Amrapali group not to play smart with court

    कोर्ट ने कंपनी के निदेशकों से कोर्ट के सामने हेरफेर को लेकर फटकार लगाई और कहा कि कोर्ट उसके अटके हुए रियल एस्टेट परियोजनाओं के निर्माण की लागत वसूल करने के लिए उनकी सारी संपत्ति को बेच सकता है और उन्हें बेघर कर सकता है।

    कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों को 15 दिनों के भीतर अपनी चल और अचल संपत्तियों के मूल्य के बारे में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके अलावा उन कंपनियों का भी ब्यौरा मांगा है, जो आम्रपाली की परियोजनाएओं का रखरखाव का काम संभालती है। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा निवेशकों के साथ-साथ 2008 से अब तक कंपनी छोड़ चुके निदेशकों की भी पूरी जानकारी देने को कहा है। गौरतलब है कि घर खरीददारों ने आम्रपाली समेत कई बिल्डर्स को फ्लैट हैंडओवर नहीं करने, तमाम प्रॉजेक्ट्स को अधूरा रखने समेत कई आरोपों के तहत कोर्ट में घेरा है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Don't play smart or we will render you homeless.This was Supreme Court's categorical warning to real estate major Amrapali Group which is accused of delaying its projects to the detriment of homebuyers' interest.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more