Silver Price Crash: चांदी आ गई जमीन पर! 4 दिन में 2 लाख सस्ती, और कितना गिरेगी चांदी? अभी खरीदें या रुके
Silver Price Crash News: बजट के दिन जिस चांदी ने निवेशकों को सपनों की उड़ान दिखाई थी, वही चांदी अब ऐसा झटका दे रही है कि जेब और दिल दोनों कांप गए हैं। महज चार दिन में चांदी के भाव करीब दो लाख रुपये प्रति किलो टूट चुके हैं।
जो लोग चार लाख के पार जाते रेट देखकर 'अब नहीं तो कभी नहीं' सोचकर कूदे थे, उनके लिए यह गिरावट किसी बुरे सपने से कम नहीं है। सवाल यही है कि यह गिरावट यहीं थमेगी या अभी और नीचे जाना बाकी है।

बजट के बाद चांदी में ऐसा क्या हुआ? (Silver Price Crash Reason)
1 फरवरी को बजट आने के बाद से कमोडिटी मार्केट में भारी उथल-पुथल दिखी। सोमवार 2 फरवरी को MCX पर सिल्वर के दाम ऐसे गिरे जैसे किसी ने ब्रेक ही तोड़ दिया हो। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी एक ही दिन में 12 फीसदी से ज्यादा टूट गई।
बजट वाले दिन चांदी 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार को इसमें 15 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया और भाव सीधे 2,25,805 रुपये प्रति किलो तक आ गए। यानी सिर्फ एक दिन में करीब 40 हजार रुपये प्रति किलो की गिरावट।
4 दिन में 2 लाख सस्ती हुई चांदी (Silver Price Fall)
अगर पीछे मुड़कर देखें तो गिरावट और डरावनी लगती है। 29 जनवरी 2026 को MCX पर चांदी ने इतिहास रच दिया था। पहली बार 1 किलो चांदी 4 लाख के पार निकली और कारोबार के अंत तक 4,20,048 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई बना। लेकिन इसके बाद जो गिरावट शुरू हुई, उसने सबको चौंका दिया।
सिर्फ चार दिन में चांदी करीब 1,94,000 रुपये प्रति किलो टूट चुकी है। यानी जिन निवेशकों ने टॉप पर खरीदा, उनका पैसा लगभग आधा हो गया।
सोना भी क्यों नहीं संभल पा रहा? (Gold Rate Crash)
चांदी के साथ-साथ सोने की हालत भी कुछ खास बेहतर नहीं है। बजट के दिन गिरावट के बाद सोमवार को MCX गोल्ड फिर दबाव में दिखा। 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,38,888 रुपये तक आ गया। एक ही दिन में करीब 8,800 रुपये की गिरावट। अगर पिछले हफ्ते बने रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम से तुलना करें, तो सोना अब तक करीब 54,000 रुपये सस्ता हो चुका है।
आखिर इतनी बड़ी गिरावट की वजह क्या है? (Gold Silver Crash Reason)
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट अचानक नहीं आई। रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली, डॉलर में मजबूती और वैश्विक बाजारों में बढ़ता डर इसकी बड़ी वजहें हैं। इसके अलावा कमोडिटी एक्सचेंज पर मार्जिन बढ़ने और ट्रेडर्स के पोजीशन काटने से भी दबाव बढ़ा है। इतिहास गवाह है कि 1980 के दशक में भी चांदी में ऐसा ही बड़ा क्रैश देखा गया था।
आगे और कितनी सस्ती हो सकती है चांदी? (Silver Price Prediction)
मार्केट जानकार मानते हैं कि अभी उतार-चढ़ाव खत्म नहीं हुआ है। चांदी में तेज उछाल के बाद इतनी बड़ी गिरावट आई है, इसलिए कुछ और कमजोरी से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि लॉन्ग टर्म में चांदी की डिमांड बनी रह सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में जल्दबाजी खतरनाक साबित हो सकती है।
अभी खरीदें या रुक जाएं? आम आदमी क्या करे? (Buy Silver or Wait)
आम निवेशक के लिए यही सलाह है कि गिरते बाजार में जल्दबाजी न करें। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं तो धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। लेकिन एक साथ बड़ा दांव लगाना फिलहाल जोखिम भरा है। बाजार को स्थिर होने का थोड़ा वक्त देना ही समझदारी होगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें।












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