वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने रचा इतिहास, बनी 1 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी
दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने इतिहास रच दिया है। बर्कशायर दुनिया की पहली नॉन टेक कंपनी बन गई है जिसका मार्केट कैप एक ट्रिलियन डॉलर हो गया है।
कंपनी के शेयर्स में 0.8 फीसदी उछाल के साथ ही बुधवार को बर्कशायर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। । इससे पहले केवल अल्फाबेट इंक, मेटा प्लेटफॉर्म और एनवीडिया जैसी टेक दिग्गज ही एक ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप तक पहुंची थीं।

बर्कशायर हैथवे के लिए यह साल असाधारण रहा है, इसके शेयरों में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह प्रदर्शन एसएंडपी 500 से भी बेहतर है और पिछले दशक में कंपनी के लिए सबसे अच्छा साल रहा है। कंपनी के शेयरों ने अग्रणी टेक कंपनियों के बराबर रिटर्न दिया है।
बर्कशायर हैथवे एक कपड़ा फर्म थी, लेकिन वॉरेन बफेट ने इसे दुनिया की दिग्गज निवेशक कंपनी बनाने में अपना जीवन लगा दिया। अपने साथी चार्ली मुंगेर के साथ, बफेट ने एक ऐसा समूह बनाया जो अब दुनिया भर में प्रसिद्ध है। बता दें कि चार्ली का पिछले साल नवंबर में 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
1965 से बर्कशायर हैथवे का बाजार मूल्य सालाना लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा है, यही वजह है कि वॉरेन बफेट दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। मौजूदा समय में लगभग 145 बिलियन डॉलर की अनुमानित कुल संपत्ति के साथ बफेट दुनिया में सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में आठवें स्थान पर है।
बर्कशायर हैथवे की उपलब्धि से पहले सिर्फ टेक कंपनियां ही यह उपलब्धि अपने नाम कर सकी हैं। अल्फाबेट इंक., मेटा प्लेटफ़ॉर्म और एनवीडिया जैसी कंपनियां पहले इस मील के पत्थर को छूने वाली कंपनियां बनीं। इस साल बर्कशायर हैथवे के शेयरों ने इन टेक दिग्गजों के बराबर रिटर्न दिया है।
वॉरेन बफेट का जन्म 30 अगस्त 1930 को अमेरिका के ओमाहा, नेब्रास्का में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही पैसे कमाने और निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई। महज 11 साल की उम्र में ही उन्होंने अपना पहला स्टॉक खरीदा।
बफेट ने कोलंबिया बिजनेस स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की। प्रसिद्ध निवेशक बेंजामिन ग्राहम से उन्होंने यहां निवेश की बारीकियां सीखीं। बफेट के निवेश में ग्राहम का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।












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