मोदी सरकार में आरबीआई ने किया कुछ ऐसा जो पहले कभी नहीं हुआ
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने पहली बार कुछ ऐसा किया है, जो इससे पहले कभी नहीं किया था। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने 30 जून 2017 को खत्म हुए सप्ताह की बैलेंस शीट जारी नहीं करने का फैसला किया है। 30 जून को ही भारतीय रिजर्व बैंक का अकाउंटिंग ईयर भी खत्म होता है। इसी के साथ नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी का असर जानने के लिए और अधिक इंतजार करना होगा।

केन्द्रीय बैंक अभी भी सर्कुलेशन में जारी करंसी का अनुमान लगाने के लिए काम कर रहा है, जो कि बैलेंस शीट में लाइबिलिटी का सबसे महत्वपूर्ण आइटम है। एक अर्थशास्त्री के अनुसार सर्कुलेशन में जारी करंसी केन्द्रीय बैंक की बैलेंस शीट का मुख्य आइटम होता है। इसे जनता के सामने रखना जरूरी होता है। जुलाई के अंत तक भारतीय रिजर्व बैंक अपने अकाउंट को बना लेता है और अगस्त में इसे सरकार को रिलीज कर दिया जाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल ने 12 जुलाई को संसदीय समिति से कहा था कि नोटों की गिनती अभी भी जारी है और जल्द से जल्द यह काम पूरा कर के जानकारी मुहैया कराई जाएगी। आपको बता दें कि 9 नवंबर 2016 से नोटबंदी कर दी गई थी, जिसके तहत 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों कों बंद कर दिया गया था। इनके बदले में 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए थे।
आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद दो सप्ताह तक भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से यह सूचना लगातार दी जा रही थी कि बैन किए गए कितने नोट जमा हो गए हैं, लेकिन नोटबंदी के दो सप्ताह बाद भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से इस बावत दी जाने वाली सूचनाएं बंद कर दी गईं।












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