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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा-अर्थव्यवस्था की रफ्तार पड़ी धीमी, आर्थिक वृद्धि इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता

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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश की आर्थिक वृद्धि को इस वक्त की सर्वोच्च प्राथमिकता ब ताया है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि इस वक्त सबसे ज्यादा अहम है। इसे लेकर हर नीति निर्माता चिंतित है। शक्तिकांत दास ने माना कि इस समय घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ गई है। देश की घरेलू अर्थव्यवस्था के सामने आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर कई चुनौतियां हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि लोगों को निराश होने की जगह आगे के अवसरों को देखना चाहिए।

 RBI governors pill for the economy: Positive attitude

दरअसल उनका ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब व्यापार जगत से जुड़े कई लोग आम बजट में उठाए गए सरकार के कुछ कदमों को लेकर नाखुश हैं। शक्तिकांत दास ने उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बैंकिंग सम्मेलन में में ये कहा कि अखबार पढ़ कर या बिजनेस टीवी चैनल को देख कर मुझे लगता है कि लोगों में निराशा है । अर्थव्यवस्था की रफ्तार को देखलकर लोगों के मन में उत्साह और उमंग खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में चुनौतियां भी जरूर है। कुछ क्षेत्र विशेष से जुड़े मसले हैं और अनेक वैश्विक और बाहरी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ लोगों का मूड अस्तित्व की चिंता से भरा है तो कुछ सकारात्मक मूड में हैं।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि सोच की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोगों को निराश होने के बजाए आगे के अवसरों को देखना चाहिए। हम मानते हैं कि इस समय चुनौतियां और कठिनाइयां हैं, जो आंतरिक और बाहरी दोनों हैं। ऐसे में निराश होने के बजाए हमें आगे आने वाले अवसरों को बारे में सो चना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बाजूद अर्थव्यवस्था में बहुत से अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि पूरी बैंकिंग व्यवस्था में कर्ज एवं जमा पर दी जाने वाली ब्याज दरों को केन्द्रीय बैंक की रेपो दर में होने वाले उतार चढ़ाव के साथ जोड़ने की जरूरत है। ऐसा सभी बैकों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब नए ऋण को रेपो दर जैसे बाहरी मानकों से जोड़ने को औपचारिक रूप देने का सही समय आ गया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई इसके लिए जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक बाजार के रुख को देखकर ऐसे कदम उठाएगी, जो कि नए कर्ज को रेपो या अन्य बाहरी मानकों से जोड़ने में मदद करेंगे।शक्तिकांत दास ने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि इस समय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आर्थिक वृद्धि को लेकर हर नीति निर्माता चिंतित है।

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English summary
Amid challenges facing the Indian economy, Reserve Bank of India (RBI) governor Shaktikanta Das on Monday stressed on the importance of ‘sentiment' and ‘mood', which he said were not sufficiently ‘positive' and ‘optimistic'.
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