Railway budget 2021: सुपरफास्ट ट्रेनें और ग्रीन रेलवे सपोर्ट, जानिए इस बजट में किन घोषणाओं की है उम्मीद
नई दिल्ली। Rail Budget 2021 2017 से पहले देश में रेल बजट को अलग से पेश किया जाता था, लेकिन 2017 से रेल बजट को आम बजट में ही शामिल कर लिया गया है। देश का आम बजट 1 फरवरी को पेश होना है और ऐसे में देशवासियों की नजर आम बजट के साथ-साथ रेलवे को लेकर होने वाली घोषणाओं पर भी है और हो भी क्यो ना देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने में रेलवे एक बहुत बड़ा जरिया है। अर्थव्यवस्था की दृष्टि से रेलवे हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहा है। कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका रेलवे की ही थी, लेकिन इस संकट में रेलवे की कमियां भी उजागर जरूर हुई हैं, जिनमें सुधार की गुंजाइश है। ऐसे में एक्सपर्ट्स को भी यही उम्मीदें हैं कि रेलवे में सुधार और मजबूती से भारत की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

वित्त मंत्री ने खुद दिए हैं बेहतर बजट होने के संकेत
ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को आम बजट 2021 से बहुत सी उम्मीदें हैं कि निर्मला सीतारमण जरूर कुछ बड़ी और अहम घोषणाएं कर सकती हैं। हालांकि इस बात के संकेत खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए हैं। उनका कहना है कि इस बार का बजट पिछले 100 साल की तुलना में काफी अलग होगा। ऐसे में विशेषज्ञों की विश लिस्ट में कुछ चुनिंदा चीजें हैं, जो उन्हें लगता है कि इस बार बजट में रेलवे को ध्यान में रखते हुए जरूर की जाएंगी। इनमें तेजस ट्रेनों का विस्तार, किसान ट्रेन के लिए अधिक रूट, जिसमें किसानों की उपज को स्थानांतरित करने के लिए अलग से लाइन का जिक्र है और बेहतर बुनियादी ढांचे को तैयार करना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे के लिए आम बजट में 1.79 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान हो सकता है और अगर ऐसा होता है तो ये पिछले 4 साल में सबसे बड़ा बजट होगा।
रेल बजट 2021 में होने वाली संभावित घोषणाएं
तेज रफ्तार ट्रेनों का विस्तार
सरकार के एजेंडे में प्राइवेट ट्रेनें टॉप पर हो सकती है, विशेष रूप से तेज रफ्तार वाली ट्रेनें, क्योंकि सरकार बुलेट और रैपीड ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट को भी शुरू करने की योजना बना चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजट में निजी गाड़ियों के लिए अधिक नीतिगत समर्थन, नए मार्गों पर तेज कनेक्टिविटी के लिए नई रेलगाड़ी, पर्यटन और तीर्थ स्थलों के लिए बेहतर रेल संपर्क, पूर्वोत्तर राज्यों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रेलवे के बुनियादी ढाँचे के विस्तार की उम्मीद है।
सेफ्टी को लेकर हो सकती है अहम घोषणाएं
इसके अलावा रेल बजट में सुरक्षा के मद्देनजर भी कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं। राष्ट्रीय रेल सुरक्षा कोष केलिए आवंटन में 50 फीसदी वृद्धि की मांग की गई है। मौजूदा समय में 20,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर हर पांच साल पर 30 हजार करोड़ रुपए किए जाने की मांग की जा रही है। इससे सुरक्षा के बुनियादी ढांचों में लेटेस्ट टेक्नॉलोजी को लाने में मदद मिलेगी।












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