साल के शुरुआत में ही पावर फाइनेंस, आरईसी ने कर्ज की ब्याज दरों में की कटौती
साल के शुरुआत में ही पावर फाइनेंस, आरईसी ने कर्ज की ब्याज दरों में की कटौती
नई दिल्ली, 19 जनवरी। नए साल के शुरुआत के साथ ही गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी लिमिटेड ने अपने ब्याज दरों में कटौती कर कर्ज को सस्ता कर दिया है। PFC और REC ने अपने यहां सभी प्रकार के ऋण पर ब्याज दरों में 0.4 प्रतिशत की कटौती की है।

बुधवार को पीएफसी और आरईसी ने अपने हर कर्ज की ब्याज दरों में 0.4 फीसदी की कटौती की है। कर्ज की कम लागत के कारण ब्याज दरों को कम किया है। आपको बता दें कि पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी 6.25 प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान कर रही हैं, अब इसमें 0.4 फीसदी की कटौती कर दी गई है। कर्ज की दरों में की गई कटौती के बाद सस्ती दरों पर बिजली इकाईयों को उधार लेने और बिजली के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए निवेश मिलने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और आरईसी लिमिटेड (REC) ने सभी तरह के लोन पर अपनी ब्याज दरों को घटाने का ऐलान किया है। कंपनियों के इस फैसले का केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने स्वागत किया है और कहा कि कर्ज की दरों को कम करने और प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए दोनों कंपनियों ने पिछले एक साल में लोन की दरों में 3 फीसदी तक की कमी की है। उन्होंने कहा कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और आरईसी लिमिटेड की ओर से लोन की ब्याज दरों में कटौती किए जाने से ऊर्जा उपयोगिताओं को प्रतिस्पर्धी दरों पर उधार लेने के साथ-साथ बिजली क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए निवेश में मदद मिलेगी। जिसका असर उपभोक्ताओं पर भी होगा। उन्हें विश्वसनीय तरीके से और सस्ती बिजली मिलेगी। आपको बता दें कि पीएफसी का गठन 1986 में हुआ था। ये कंपनी बिजली सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उन्हें कर्ज देती है। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने में आरईसी मदद करती है। ये बिजली मंत्रालय के तहत काम करती है। ये ग्रामीण परियोजनाओं को बढ़ावा देने में मदद करती है।












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