8 महीनों में पहली बार पेट्रोल 71 रुपए प्रति लीटर से नीचे पहुंचा
नई दिल्ली। पिछले काफी समय से पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन पिछले पांच दिनों की बात करें तो हर रोज इसके दाम में कमी देखने को मिल रही है। पेट्रोल के दाम 71 रुपए प्रति लीटर के नीचे आ गए हैं। पिछले 8 महीनों में यह पहली बार हुआ है जब पेट्रोल की कीमत 71 रुपए प्रति लीटर से नीचे आ गई है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल को लेकर बड़ी स्पर्धा चल रही है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 1991 के गल्फ वॉर के बाद कच्चे तेल के दाम में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। आज दिल्ली में पेट्रोल के दाम 70.29 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

30 फीसदी की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट सऊदी अरब द्वारा रूस के साथ प्राइस वार शुरू करने की वजह से आई है। इसके अलावा जानलेवा कोरोनो वायरस के प्रकोप की वजह से मांग में कमी को भी कीमतों में गिरावट की एक वजह माना जा रहा है। 1991 के बाद कच्ची तेल में यह सबसे बड़ी गिरावट है। आपको बता दें कि ब्रेंट क्रूड सोमावर सुबह 30 फीसदी तक गिरकर 31.02 डॉलर प्रति बैरल चल रहा है।
प्रतिस्पर्धा के चलते आई कमी
दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक सऊदी अरब, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक रूस को शुक्रवार को पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन द्वारा प्रस्तावित उत्पादन में कटौती डील नहीं होने पर सबक सिखाने का प्रयास कर रहा है। ओपेक और अन्य उत्पादकों ने कोरोनो वायरस प्रकोप से आर्थिक गिरावट के कारण गिरती कीमतों को स्थिर करने के लिए कटौती का समर्थन किया था।
5-6 रुपए और सस्ता हो सकता है पेट्रोल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में इस कटौती का सीधा लाभ घरेलू बाजार में भी देखने को मिलेगा। केडिया कमोडिटीज के डायरेक्ट अजय केडिया ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत में पेट्रोल-डीजल 5-6 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है। उन्होंने कहा, इससे ज्यादा तेल के भाव में गिरावट नहीं आ सकती है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बनी हुई है।












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