OLA Electric IPO: आज से खुला ओला का आईपीओ, जानिए कैसा है कंपनी का कारोबार, निवेश करें या रहें दूर?
OLA Electric IPO: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के IPO की प्राइमरी मार्केट में एंट्री हो गई है। ओला का आईपीओ 2 अगस्त से प्राइमरी मार्केट में आ गया और 6 अगस्त तक इसमे आवेदन किया जा सकता है।
इस आईपीओ का मूल्य 72-76 रुपए प्रति इक्विटी रखा गया है। इस आईपीओ के जरिए ओला इलेक्ट्रिक 6145.56 करोड़ रुपए जुटाना चाहता है। जिसमे से 5500 करोड़ रुपए नए शेयर जारी करके और 645.56 करोड़ रुपए ऑफर फॉर सेल के जरिए इकट्ठा किए जाएंगे।

ग्रे मार्केट में 17 रिुपए के प्रीमियम पर
आईपीओ से पहले ओला इलेक्ट्रिक के शेयर ग्रे मार्केट में ₹17 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। यह स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि आधिकारिक लिस्टिंग से पहले निवेशकों के बीच कंपनी के आईपीओ को लेकर सकारात्मक रुख है।
7 अगस्त को शेयर का आवंटन
कंपनी ने आईपीओ लिस्टिंग की योजना बीएसई और एनएसई दोनों के लिए बनाई गई है। कंपनी का संभावित शेयर आवंटन तिथि 7 अगस्त 2024 को किया जाएगा। जबकि कंपनी की बाजार में लिस्टिंग तिथि 13 अगस्त 2024 है।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट तपन दोशी ने आईपीओ के बारे में मिली-जुली राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि ओला इलेक्ट्रिक के पास बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। लेकिन कंपनी में कर्मचारियों का एग्जिट रेट काफी ज्यादा है।
कंपनी की ओर से कहा गया है कि उसके पास वित्त वर्ष 2024 में 33,0,000 ओला इलेक्ट्रिक के ग्राहक हैं जोकि मार्केट शेयर का 35 फीसदी है। ऐसे में ओला की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां उससे कहीं पीछे हैं। यही नहीं कंपनी की मार्केट वैल्यू भी बाकियों से 6.7 गुना अधिक है।
ओला की मुश्किलें
लेकिन ओला के सामने मुश्किल चुनौती यह है कि कंपनी का Employee Attrition Rate यानि कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर 44.25% है। कंपनी लगातार घाटे में चल रही है, कंपनी के पास कैश फ्लो की दिक्कत है और यह निगेटिव है।
यही नहीं कंपनी के पास ईवी उत्पादन का अनुभव भी काफी कम है। ऐसे में कंपनी को नहीं पता है कि यह कब मुनाफे में आएगी। इसके साथ ही कंपनी के सामने कच्चे माल के आयात का भी जोखिम है। कंपनी अपना कच्चा माल चीन से लेती है।
भविष्य की संभावना
लेकिन इन सब के बावजूद जिस तरह से देश में ईवी की मांग बढ़ रही है उसे देखते हुए कंपनी के सामने भविष्य में अपार संभावनाएं हैं। हालांकि यह जोखिम अभी भी है कि कंपनी कब मुनाफा बनाना शुरू करेगी, यह किसी को नहीं पता है। लिहाजा जो निवेशक अधिक जोखिम लेने को तैयार हैं वो लंबी अवधि में मुनाफे के लिए इस आईपीओ में हिस्सा ले सकते हैं।
इसके साथ ही कंपनी एक तरफ जहां खुद का विस्तार करने पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ सरकार की पीएलआई यानि प्रोडक्शन लिंक्ड इंन्सेंटिव में ओला बैटरी व स्कूटर दोनों के लिए आवेदन कर सकती है और उसे इसका लाभ हो सकता है।
पीएलआई स्कीम का मिल सकता है लाभ
पीएलआई योजना में ओला इलेक्ट्रिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परिचालन के व्यय को कम करने में मदद करती है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त ओला इलेक्ट्रिक ने अपने उत्पादों के लिए एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव बाजारों को चिन्हित किया है। यह वैश्विक विस्तार समय के साथ पर्याप्त राजस्व उत्पन्न कर सकता है।
ब्रोकरेज कंपनियों की राय
आनंद राठी और बीपी इक्विटीज जैसी प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों ने बुक बिल्ड इश्यू को सब्सक्राइब करने की सिफारिश की है। हालांकि, आशिका कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, एचडीएफसी सिक्योरिटीज, एसबीआई सिक्योरिटीज और इनक्रेड इक्विटीज ने कोई रेटिंग नहीं दी है।












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