अब बैंक नहीं वसूल सकेंगे अनाप-शनाप ब्याज, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोन पर पैसा लेने वालों के ग्राहकों के लिए राहतभरा ऐलान किया है। आरबीआई की ओर से एक विस्तृत गाइडलाइ जारी की गई है जिसमे मासिक ईएमआई और उसपर लगने वाली ब्याज को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं।
आरबीआई की ओर से जो गाइडलाइ जारी की गई है उसके अनुसार ईएमआई या उसकी अवधि में अगर कोई बदलाव किया जाता है तो इशकी जानकारी ग्राहक को तत्काल देना जरूरी है । इससे पहले मौद्रिक नीति के ऐलान के वक्त आरबीआई की ओर से कहा गया था कि वह जल्द ही इसको लेकर गाइडलाइन जारी करेगा।

आरबीआई की ओर से कहा गया है कि कई ग्राहकों की यह शिकायत आ रही थी कि बिना किसी जानकारी और उनकी अनुमति के उनकी लोन की ईएमआई को बढ़ा दिया गया, फ्लोटिंग रेट के आधार पर पर्सनल लोन की ईएमआई को बढ़ा दिया गया और इसकी उन्हें जानकारी भी नहीं दी गई।
दरअसल महंगाई दर को देखते हुए पिछले साल मई माह से आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर रहा है। पिछले साल से इस साल फरवरी माह तक 250 बेसिस प्वाइंट रेपो रेट में बढ़ोत्तरी की जा चुकी है। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में ग्राहकों को अधिक ब्याज, देना पड़ रहा है और उनकी ईएमआई भी बढ़ गई है। यही कारण है कि ग्राहकों का प्रिंसिपल अमाउंट बढ़ रहा है।
आरबीआई के नोटिफिकेशन के अनुसार ब्याज दरों में बदलाव करने से पहले ग्राहकों को फिक्स रेट पर ब्याज दर मुहैया कराने का विकल्प देना होगा। इसके साथ ही ग्राहकों को यह जानकारी भी देनी होगी कि कितनी बार लोन के कार्यकाल में वह ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं।
लोन की राशि का भुगतान करने से पहले बैंक को यह स्पष्ट तौर पर ग्राहक को बताना होगा कि अगर ईएमआई या उसके कार्यकाल में या फिर दोनों में कोई बदलाव होता है तो उसके लोन पर ब्याज में क्या बदलाव होगा।
दरअसल बैंक अक्सर ग्राहकों की लोन की राशि पर अनाप-शनाप ब्याज लगा देते थे। ग्राहक अगर कोई ईएमआई का भुगतान नहीं कर पाता था प्रिंसिपल अमाउंट और ब्याज दरों में काफी ज्यादा बढ़ोत्तरी हो जाती थी, जिसकी वजह से ग्राहकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। यही वजह है कि ग्राहकों की चिंता को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने यह नए नियम जारी किए हैं।












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