मोटर व्हीकल नियम में बदलाव, गाड़ी के टायर्स, सेफ्टी ग्लास को लेकर नियमों मे संशोधन , जानना जरूरी
नई दिल्ली । सड़क एंव परिवहन मंत्रालय ने मंगलवा को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने मोटर व्हीक्ल अधिनियम 1989 में संशोधन करते हुए जरूरी बदलाव किए हैं। नए नियम में गाड़ियों में एक्सट्रा टायर्स, सेफ्टी ग्लास और एक्सटर्नल प्रोजेक्शन में बदलाव किए गए हैं। नियमों में संशोधन के तहत वाहन में इन-बिल्ड टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम( टीपीएमएस) को लेकर जरूरी संशोधन किए गए हैं।

गाड़ियों में एक अतिरिक्त टायर की आवाश्यकता को लेकर जरूरी बदलाव किए गए हैं। वहीं पहली बार दोपहिया वाहनों के एक्सटर्नल प्रोजेक्शन के लिए मानक को शामिल किया गया है। वहीं संशोधन में टायर रिपोयरिंग किट को निर्धारित किया गया है। नए संशोधन में कहा गया है कि अगर गाड़ी कंपनियों द्वारा टायर मरम्मत किट और TPMS दिया जाता है तो ऐसे वाहनों में अतिरिक्त टायरों की आवश्यकता दूर जाती है और लोगों को अतिरिक्त टायर रखने की जरूरत नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर इसे निर्धारित किया गया है।
नए संशोधनों के तहत ये कहा गया है कि अगर कार टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस है या फिर गाड़ी में टायर रिपेयर किट है तो कार में स्पेयर टायर रखने की जरूरत नहीं है। वहीं इस संशोधन में बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखा गया है। अगर स्पेयर टायर रखने की जरूरत खत्म होगी तो उस जगह पर कार की बैटरी रखी जा सकती है। आपको बता दें कि TPMS चालक को टायर प्रेशर के बारे में बता देता है और ड्राइवर को अलर्ट करता रहता है कि खराब टायर में गाड़ी चलाना खतरनाक हो सकता है। वहीं सेफ्टी मानकों के आधार पर गाड़ियों में सेफ्टी ग्लास को लेकर नियम निर्धारित किए गए हैं। जिसके मुताबिक रेयर ग्लास का प्रकाश दृश्य संचरण 70 फीसदी और साइड विंडो का 50% होना चाहिए।












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