LPG Shortage: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में क्या अंतर है? 19 किलो वाले गैस पर घमासान क्यों?
LPG Shortage: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) की किल्लत के दावे सामने आ रहे हैं, एक ओर जहां आम जनता गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारों में खड़ी है तो वहीं होटलों-रेस्तरां पर संकट मंडरा रहा है।
जबकि सरकार और प्रशासन का कहना है कि ऐसी अफवाह पर ध्यान न दिया जाए,पैनिक होने की जरूरत नहीं है। आपको बता दें कि कमर्शियल LPG सिलेंडर की कालाबजारी भी शुरू हो गई है।

चलिए विस्तार से जानते है कि घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर में क्या अंतर है?
भारत में रसोई गैस के रूप में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी सिलेंडर दो मुख्य प्रकार के होते है , पहला है घरेलू सिलेंडर और दूसरा है कमर्शियल सिलेंडर।
LPG Shortage News: घरेलू सिलेंडर का प्रयोग कहां-कहां?
घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है, यह आमतौर पर 14.2 किलोग्राम का होता है और इसका रंग लाल होता है, ये सस्ता होता है क्योंकि सरकार समय-समय पर इस पर सब्सिडी देती है, इसका इस्तेमाल व्यवसायिक काम में करना नियमों के खिलाफ है।
LPG Shortage News Hindi: कमर्शियल सिलेंडर का प्रयोग कहां-कहां?
कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस, फैक्ट्री और अन्य व्यवसायिक जगहों पर होता है, यह आमतौर पर 19 किलोग्राम का होता है और ये अक्सर नीला या गहरे लाल रंग का होता है, जिससे कि इसे आसानी से पहचाना जा सके और ये घरेलू सिलेंडर से महंगा होता है, क्योंकि इस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।
कमर्शियल सिलेंडर पर भारत की होटल इंडस्ट्री कितनी निर्भर है?
भारत के होटल और रेस्टोरेंट खाना पकाने के लिए 19-kg कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। भारत में LPG की कुल खपत की बात करें तो घरेलू सेक्टर लगभग 86% LPG इस्तेमाल करता है तो वहीं कमर्शियल सेक्टर करीब 9% LPG की खपत करता है। कमर्शियल सिलेंडर की जब कीमत बढ़ती है तो होटल-रेस्टोरेंट की लागत भी बढ़ जाती है, ये इस वक्त महंगा हो गया है इसी कारण इसे लेकर देश में हायतौबा मची है।












Click it and Unblock the Notifications