IMF ऩे फिर से घटाया भारत के GDP का अनुमान, ग्लोबल इकोनॉमीज के लिए महंगाई सबसे बड़ी चुनौती
IMF यानी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास दर को फिर से घटा दिया है। आईएमएफ ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए भारत के जीडीपी अनुमान को 60 बेसिक प्वाइंट घटाकर इसे 6.8 फीसदी कर दिया है। IMF की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत के साथ-साथ विश्व की तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका, चीन और यूरो एरिया के लिए स्थिति गंभीर है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। साल 2023 में महंगाई एक बड़ी चुनौती के तौर पर दिख रहा है।

अंतरर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास दर के अनुमान में फिर से कटौती करते हुए मौजबदा वित्तीय वर्ष के लिए इसे घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि ये अनुमान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के जीडीपी अनुमान से भी कम है। 30 सितंबर को आरबीआई ने जीडीपी अनुमान में 20 बेसिक प्वाइंट्स की कटौती करते हुए इसे 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन अब आईएमएफ ने इसमें और कटौती करते हुए इसे घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है।
अनुमान से कम विकास दर कई कारकों पर निर्भर करता है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई को बड़ी चुनौती बताया है। ईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने इससे पहले कहा कि तेजी से भाग रही महंगाई विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। ये चुनौती उन देशों के लिए और बड़ी हो जाती है, जिनकी आय कम है।












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