Why market is falling: आखिर क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार, पढ़ें 4 बड़ी वजह
Share Market Fall: शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन मंगलवार को बाजार में अबतक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। 30 प्रमुख कंपनियों वाले सेंसेक्स में 902 अंकों की गिरावट आई। 1.11% गिरावट के साथ सेंसेक्स मंगलवार को 80,249 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी इंडेक्स में 310 अंकों की गिरावट आई। 1.25% की गिरावट के साथ निफ्टी 24,471 पर बंद हुआ।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को अकेले मंगलवार को तकरीबन 8.9 लाख करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसे दिग्गज शेयर्स में बंपर गिरावट देखने को मिली। 21 अक्तूबर को FII's ने 88244 करोड़ रुपए तक की बिकवाली की, जिसका असर सीधे तौर पर मंगलवार को बाजार पर देखने को मिला।

कमाई के कमजोर आंकड़े
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के चार प्रमुख कारण हैं। जिसमे सबसे बड़ा कारण तमाम कंपनियों ने अपनी कमाई के जो आंकड़े जारी किए हैं वह कमजोर रहे हैं। बाजार में बढ़त की सबसे बड़ी वजह कंपनियों की कमाई पर निर्भर करती है, ऐसे में जिस तरह से कंपनियों की कमाई घटी, उसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है।
विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली
इसके अलावा बाजार में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह की बात करें तो यह FII की बिकवाली है। पिछले कुछ समय से FII यानि विदेश निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिसका दबाव स्पष्ट तौर पर बाजार पर देखने को मिल रहा है।
महीना खत्म होने में तकरीबन एक हफ्ते बाकी हैं लेकिन इससे पहले ही एक लाख करोड़ तक की सेलिंग देखने को मिल रही है। शेयर बाजार के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक महीने के भीतर विदेशी निवेशकों ने इतनी बड़ी बिकवाली की हो।
ओवर वैल्युएशन
बाजार गिरने की तीसरी वजह की बात करें तो तमाम कंपनियों और इंडेक्स की वैल्युएशन का काफी ज्यादा होना है। तमाम निवेशक और फंड मैनेजर शेयरों को 80 से लेकर 90 पीई पर खरीदारी कर रहे थे।
ऐसे में हद से अधिक वैल्युएशन के चलते भी बाजार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। लोग प्राइस टू अर्निंग नहीं बल्कि प्राइस टू शेयर की बात कर रहे थे। लेकिन कहते हैं ना कि बाजार में किसी भी शेयर की कीमत का सही अंदाजा तभी लगता है जब बाजार गिरावट की ओर होती है।
HNI/रिटेल निवेशकों में घबराहट
बाजार में गिरावट की चौथी और बड़ी वजह की बात करें तो रिटेल और एचएनआई (हाई नेटवर्थ) निवेशकों में चिंता। लोगों को अब एहसास होने लगा है कि यह गिरावट रोजमर्रा वाली गिरावट नहीं है, लोगों को एहसास होने लगा है कि बाजार में यह बड़ी गिरावट है, जिसके चलते रिटेल निवेशक और एचएनआई भी बिकवाली की ओर भाग रहे हैं।
जिन निवेशकों की नेट वर्थ 5 करोड़ से अधिक होती है उन्हें एचएनआई की श्रेणी में रखा जाता है। वहीं सामान्य निवेशक जो छोटी-मोटी सेविंग से निवेश करते हैं उन्हें रिटेल यानि खुदरा निवेशक कहते हैं। दोनों में इस गिरावट को लेकर चिंता है।
7 फीसदी की गिरावट
अक्टूबर माह में शेयर बाजार में तकरीबन 7 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। जोकि कोरोना काल के बाद अबतक की सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है, लिहाजा निवेशकों को सोच समझकर निवेश करना चाहिए।












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