आखिर क्यों गिर रहा है शेयर बाजार, कैसे डूब गए एक दिन में निवेशकों के 3 लाख करोड़
नई दिल्ली, 23 सितंबर। शेयर बाजार में जिस तरह से पिछले कुछ समय से लगातार रैली देखने को मिल रही थी और निवेशकों में खुशी की लहर थी, वह इस हफ्ते काफूर होती नजर आ रही है। जिस तरह से बुधवार को अमेरिका ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया गया उसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तकरीबन एक फीसदी से अधिक की गिरावट शुरुआती कारोबार में देखने को मिली। जिस तरह से बाजार में आज गिरावट देखने को मिली है उसकी वजह से तकरीबन 3 लाख करोड़ रुपए का घाटा निवेशकों को हुआ और बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटल तकरीबन 278.79 लाख करोड़ रुपए कम हो गई। बाजार में आज सबसे ज्यादा नुकसान निफ्टी बैंक को हुआ, यहां तकरीबन 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में आइए डालते हैं एक नजर जिसकी वजह से बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली।

अमेरिका में ब्याज दर में बढ़ोत्तरी और चेतावनी
फेडरल रिजर्व ऑफ युनाइटेड स्टेट के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने जिस तरह से ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया और उसके साथ ही चेताया कि महंगाई को कम करने लिए उठाए जा रहे कदम आने वाले समय में मंदी का खतरा ला सकते हैं। उन्होंने साफ तौर पर चेताया है कि आने वाले वर्ष में बड़ी मंदी की आहट देखने को मिल सकती है, जिसका असर बाजार पर देखने को मिल रहा है।

रुपए पर बढ़ता दबाव
भारतीय रुपया लगातार नीचे गिर रहा है। डॉलर के मुकाबले अब रुपाया तकरीबन 81 रुपए के पार पहुंच गया है। पहली बार ऐसा हुआ है जब रुपया 81 को पार कर गया है और यह अपने अबतक के सबसे निचले स्तर 81.23 पर पहुंच गया है। इसका सीधा असर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय शेयर बाजार पर रुपए की गिरती कीमत का असर देखने को मिल रहा है, इसकी वजह से विदेशी निवेशक बाजार से दूरी बना रहे हैं।

वैश्विक बाजार में गिरावट
वैश्विक बाजार की बात करें तो डॉउ जोन्स 0.4 फीसदी नीचे आ गया है, जबकि नासडाक 1.4 फीसदी गिर गिर गया है। वहीं अन्य एशियाई बाजारों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। लगातार तीसरे दिन जिस तरह से गिरावट देखने को मिल रही है उसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि जापान का बाजार छुट्टी की वजह से बंद था, लेकिन शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 0.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, हॉन्गकॉन्ग हैंग सैंग में भी 0.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। सियोल का कोस्पी भी 1.5 फीसदी गिरा है।

FII की भारतीय बाजार से दूरी
विदेशी इंस्टिट्यूशन यानि FII ने पिछले महीने तकरीबन 51000 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की थी। लेकिन सितंबर माह में एफआईआई ने भारतीय बाजार में निवेश से अपना हाथ पीछे किया है। इस महीने अभी तक सिर्फ 10865 करोड़ रुपए का ही निवेश भारतीय बाजार में हुआ है। जबकि गुरुवार को एफआईआई ने 2500 करोड़ की बिकवाली कर डाली है।

आरबीआई की नीति
दुनिया के अन्य सेंट्रल बैंक की राह पर आगे बढ़ते हुए भारतीय रिजर्व बैंक भी आने वाली अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का ऐलान कर सकता है। माना जा रहा है कि तकरीबन 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी की जा सकती है। अगले हफ्ते आरबीआई की बैठक होनी है, लिहाजा यह बढ़ोत्तरी संभव मानी जा रही है। देश में महंगाई दर तकरीबन 7 फीसदी तक पहुंच गई है और रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, ऐसे में माना जा रहा है कि आरबीआई सख्त कदम उठा सकता है।












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