GST को लेकर था ये भ्रम, राजस्व सचिव ने किया सब कुछ साफ
नई दिल्ली। आगामी 1 जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू होने जा रहा है। रिटेल कारोबारियों में मन में इसे लेकर यह धारणा बन गई है कि इसके लागू होने के बाद उन्हें महीने में 3 बार रिटर्न भरना होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। खुद राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने सब कुछ साफ करते हुए कहा कि कारोबारियों को महीने में सिर्फ एक बार ही रिटर्न भरना होगा।

कारोबारी मान रहे हैं कि जीएसटी उनके काम को बहुत ही जटिल बना देगा। इस पर अधिया ने कहा कि जैसे कारोबारी मौजूदा समय में हर महीने एक बार रिटर्न भरते हैं, वैसा ही जीएसटी के बाद भी होगा। साथ ही, खुदरा कारोबारियों को हर महीने रसीद विवरण भी देने की जरूरत नहीं होगी। वह बोले कि 80 फीसदी कारोबारियों को रिटर्न में सिर्फ अपने कुल कारोबार का ब्योरा देना होगा, क्योंकि वह रिटेल कारोबारी हैं।
ग्राहकों को दें छूट का फायदा
वित्त मंत्रालय की तरफ से पहले ही यह साफ किया जा चुका है कि रिटेल कारोबारियों को जीएसटी की वजह से टैक्स में मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना होगा। अगर कोई कारोबारी ऐसा नहीं करता है तो इस आधार पर उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
फैल रहा था भ्रम
इससे पहले यह भ्रम फैल रहा था कि जीएसटी के लागू होते ही छोटे कारोबारियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। कहा जा रहा था कि अभी तक छोटे कारोबारियों को साल में 13 बार टैक्स रिटर्न भरना पड़ता है, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद किसी राज्य में काम कर रही छोटी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को साल भर में 37 बार टैक्स रिटर्न भरना होगा। इसकी वजह से छोटे कारोबारियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
1 जुलाई से लागू होने वाला है जीएसटी
जीएसटी लागू होने का रास्ता साफ हो चुका है। यह भी तय है कि अब 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा। इससे कई फायदे भी होंगे। वैट जैसे कर समाप्त हो जाएंगे और उन सबकी जगह जीएसटी ले लेगा। यानी अब देश में सिर्फ एक टैक्स लगेगा, जो जीएसटी होगा। हालांकि, जीएसटी के भी सात स्लैब बनाए गए हैं। इसे 30 जून रात को संसद के केन्द्रीय हॉल में होने वाले कार्यक्रम में लॉन्च किया जाएगा।












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