E-way bill: तकनीकी खामियों के चलते बढ़ाया गया ट्रायल, 1 फरवरी से लागू किया था
नई दिल्ली।वस्तु और सेवा कर के तहत जारी किए जाने वाले E-WAY Bill में तकनीकी खामियों के चलते फिलहाल उसे जारी किए जाने से रोक दिया गया है। बता दें कि GST प्रावधान के तहत ट्रांसपोर्टर्स को राज्यों के बीच माल ले जाने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मार्ग बिल या ई-वे बिल को ले जाने की आवश्यकता थी ताकि बड़े पैमाने पर कर चोरी की जांच हो सके। केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने 1 फरवरी को ट्वीट किया कि 'शुरुआती तकनीकी दिक्कतों के कारण ई-वे बिल बनाने में कठिनाइयों को देखते हुए, राज्य के बाहर और अंदर दोनों जगह माल को लाने -ले जाने के लिए जरूरी ई-वे बिल तैयार करने के लिए उसकी टेस्टिंग और ज्यादा समय तक होगी। अब E-Way Bill अगली अधिसूचना से लागू होगा।'

17 जनवरी से परीक्षण हो रहा था
1 जुलाई से GST के लागू के बाद, ई-वे बिल को चलाने की आवश्यकता को आईटी नेटवर्क की तैयारी करने के लिए रोका गया था। 17 जनवरी से ई-वे बिल सिस्टम के लिए परीक्षण हो रहा था जिसके दौरान पोर्टल पर 2.84 लाख इतने परमिट जारी किए गए थे। हालांकि, 1 फरवरी को ई-वे बिल के औपचारिक शुभारंभ के साथ, सिस्टम में तकनीकी खामियां देखी गईं।

पोर्टल पर दबाव बढ़ गया
सूत्रों ने बताया कि सभी राज्यों द्वारा अंतरराज्यीय ई-वे बिल बनाने के साथ-साथ 17 राज्यों ने भी राज्य के अंदर माल के परिवहन के लिए इस तरह के परमिट तैयार करना शुरू कर दिया, जिससे पोर्टल पर दबाव बढ़ गया। केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के अध्यक्ष वानाजा सरना ने गुरुवार को प्रणाली को व्यवस्थित बनाने पर चर्चा करने के लिए एक समीक्षा बैठक की।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा
बता दें कि जीएसटी परिषद ने 16 दिसंबर को माल की इंट्रा-स्टेट ट्रांसपोर्ट के लिए 1 जून से और 1 फरवरी से अंतरराज्यीय ट्रांसपोर्ट के लिए ई-वे बिल तंत्र को लागू करने का निर्णय लिया था। ई-वे बिल माल की आवाजाही के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक तरीका बिल है जो जीएसटीएन (सामान्य पोर्टल) पर बन सकता है। गौरतलब है कि जीएसटी ई-वे बिल प्रणाली के तहत 50000 रुपए से अधिक का सामान एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश भेजने पर उसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। काउंसिल का मानना है कि इससे टैक्स चोरी रोकी जा सकेगी।












Click it and Unblock the Notifications