गौतम अडानी ने निवेशकों को दिलाया भरोसा, बोले- हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट फर्जी थी
जिस तरह से हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट सामने आई थी उसके बाद अडानी ग्रुप के शेयर के दाम धड़ाम हो गए थे। कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। अब गौतम अडानी ने इस रिपोर्ट की मंशा पर सवाल खड़ा किया है।
गौतम अडानी ने कहा कि यह रिपोर्ट अडानी ग्रुप की प्रतिष्ठा को कम करने के लिए तैयार की गई थी, इसके पीछे जरिए शॉर्ट टर्म शेयर से कमाई करने का इरादा था। कंपनी के निवेशकों को संबोधित करते हुए अडानी ने कहा कि हम अपने स्टैंडर्ड और गवर्नेंस को लेकर प्रतिबद्ध हैं। यह मेरा वादा है कि हम इसे आगे भी बेहतर करते रहेंगे।

गौतम अडानी ने कहा कि हमारा ट्रैक रिकॉर्ड हमारे बारे में बताता है। अडानी ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी किसी भी अंतरराष्ट्रीय निवेशक या क्रेडिट एजेंसी ने ग्रुप की रेटिंग घटाई नही थी। फेलो ऑन पब्लिक ऑफर से से पहले अमेरिकी एजेंसी ने यह फर्जी रिपोर्ट जारी की थी।
अडानी ने कहा कि ग्रुप भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फॉलो अप पब्लिक ऑफर लाने वाला था, लेकिन इसी बीच हिंडनबर्ग रिसर्च की गलत जानकारियां लेकर सामने आया और हमपर गलत आरोप लगाया। जो भी आरोप लगाए गए वह 2004-2015 के बीच के थे।
गौतम अडानी ने कहा कि गलत मंशा रखने वालों ने इस रिपोर्ट का प्रचार प्रसार किया, हमे बदनाम करने की कोशिश की, हमारे खिलाफ विचारधारा तैयार करने की कोशिश की। लेकिन अडानी ग्रुप ने निवेशकों के हित को सुरक्षित रखने का काम किया और एफपीओ को वापस लिया। बावजूद इसके कि यह पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका था।
सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमेटी का हवाला देते हुए अडानी ने कहा कि यह रिपोर्ट मई में सामने आई, जिसमे किसी भी तरह का गलत काम नहीं पाया गया। कमेटी ने कहा कि यह भारतीय बाजार को अस्थिर करने की कोशिश थी।












Click it and Unblock the Notifications