Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

स्टार्ट अप को धन समर्थन देने के लिए मोदी सरकार की नई पहल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सीडबी) में स्टार्ट अप के लिए कोषों के कोष (एफएफएस) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह कोष भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) में योगदान करेगा। एआईएफ स्टार्ट अप को कोष समर्थन देंगे। यह जनवरी 2016 सरकार द्वारा लाई गई स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप है।

Narendra Modi

14वें और 15वें वित्त आयोग के काल में दस हजार करोड़ रुपए का एफएफएस कॉर्पस बनाया जाएगा। यह योजना की प्रगति और कोष उपलब्धता की शर्त के साथ होगा। एफएफएस कॉर्पस में 2015-16 में 500 करोड़ रुपए दिए गए और एफएफएस कॉर्पस के लिए 2016-17 में 600 करोड़ रुपए का आवंटन है। आशा है कि इस कोष से 18 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

पढ़ें- जानिए भारत को क्यों चाहिये एनएसजी की सदस्यता

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा कुल बजटीय समर्थन से अनुदान सहायता का प्रावधान किया जाएगा। औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना के अनुरूप कार्य की समीक्षा करेगा।

एफएफएस औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग की स्टार्ट अप इंडिया कार्य योजना से बना है। एफएफएस के दैनिक कार्य संचालन प्रबंधन के लिए सिडबी की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। कार्य प्रदर्शन की निगरानी और समीक्षा को स्टार्ट अप कार्य योजना के लागू होने से जोड़ा जाएगा ताकि समय-सीमा में और उपलब्धियों के अनुसार योजना लागू हो सके। 10 हजार रुपए का कॉर्पस 60 हजार करोड़ रुपए के इक्विटी जुटाने का केन्द्र बिन्दु होगा। इससे स्टार्ट अप उद्यमों के लिए स्थायी धन स्रोत मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।

रोजगार सृजन में आयेगी तेजी

बड़े स्तर पर रोजगार सृजन के लिए स्टार्ट अप के माध्यम से नवाचार प्रेरित उद्यम और कारोबार में तेजी लाना महत्वपूर्ण है। उद्यम पूंजी के बारे में एक विशेषज्ञ समिति ने कहा है कि भारत में अगले दस वर्षों में उच्च स्तरीय 2500 कारोबार स्थापित करने की क्षमता है और इस उद्यम सफलता के लिए 10 हजार स्टार्ट अप फैलाने की आवश्यकता होगी।

स्टार्ट अप के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं। इनमें घरेलू जोखिम पूंजी की सीमित उपलब्धता, पारंपरिक बैंक वित्त की अड़चनें, सूचना एकत्रीकरण की असमर्थता और साख एजेंसियों के समर्थन का अभाव है। बड़ी संख्या में सफल स्टार्ट अप को विदेशी उद्यम पूंजी कोषों ने धन दिया है और कई स्टार्ट अप ऐसे धन पोषण के लिए देश से बाहर स्थापित होने की कोशिश में है।

फंड ऑफ फंड्स को चलाने के लिए एक समर्पित कोष बनाने से इन समस्याओं का समाधान निकलेगा और नवाचारी स्टार्ट अप को सहायता मिलेगी ताकि वे पूर्ण कारोबार वाले उद्यम हो सकें। इसके लिए स्थापना स्तर, प्रारंभिक स्तर और विकास स्तर पर समर्थन आवश्यक है। व्यक्तिगत कोष में सरकारी योगदान से निवेशक को निजी पूंजी में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और इससे व्यापक संसाधनों को जुटाने में मदद मिलेगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+