अडानी ग्रुप को लगे झटके के बाद भी उसमें निवेश जारी रखेगा EPFO, दो कंपनियों पर लगाया है दांव
Adani Group के शेयर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद काफी टूटे थे। इसके बावजूद EPFO का निवेश उसमें जारी रहेगा।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से अडानी ग्रुप को काफी ज्यादा नुकसान हुआ। ये झटका गौतम अडानी के साथ आम जनता के लिए भी था, क्योंकि एलआईसी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जैसे महत्वपूर्ण संगठनों का पैसा उसमें लगा है। घाटे को देखते हुए लग रहा था कि ये संगठन अपने निवेश को निकालेंगे या फिर उसे कम कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक EPFO का विश्वास अभी भी अडानी ग्रुप पर कायम है। जिस वजह से वो अपना निवेश जारी रखेगा।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक हिंडनबर्ग की हालिया रिपोर्ट की वजह से अडानी के शेयर काफी टूटे हैं, लेकिन EPFO दो कंपनियों में अपना निवेश जारी रखेगा। जिसमें अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स शामिल हैं। ये निवेश सितंबर 2023 तक जारी रहेगा। वहीं हाल ही में EPFO की एक बैठक होने वाली है, उसमें भविष्य के निवेश पर फैसला होगा। आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 27.73 करोड़ भारतीयों की वृद्धावस्था बचत का मैनेजमेंट करता है।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि EPFO अपने कॉर्पस का 15 फीसदी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश करता है। मार्च 2022 तक उसने ईटीएफ में 1.57 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था। फिर वित्त वर्ष 23 में 8000 करोड़ रुपये का निवेश किया। जिन दोनों कंपनियों में EPFO निवेश कर रहा, वो एनएसई निफ्टी में लिस्टेड हैं। उसमें ईटीएफ के जरिए पैसा लगाया जा रहा।
क्या था हिंडनबर्ग का आरोप?
जनवरी के अंत में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी, जिसमें अडानी ग्रुप पर अपने स्टॉक की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगा। साथ ही कंपनी में और कई तरह की गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर तेजी से गिरे। हालांकि कुछ धीरे-धीरे रिकवरी कर रहे हैं। वहीं अडानी जो दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी बन गए थे, वो टॉप 20 से बाहर हो गए।












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